कोरबा (समाचार मित्र) उरगा थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने और पैसे देने से मना करने पर एक युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में उरगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उसके विरुद्ध गुंडा-बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे फरसवानी निवासी संतोष राठौर अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान कुछ आरोपियों ने उसे रास्ते में रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की। संतोष द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने उसके साथ हाथ-मुक्के से मारपीट की।
बताया गया कि इसके बाद आरोपी रात करीब 12:30 बजे संतोष के घर भी पहुंच गए और उसके साथ दोबारा मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना में संतोष के हाथ में चोट आई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर उरगा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 507/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत विवेचना शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उरगा पुलिस ने तत्काल आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने निवास पर मौजूद होने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर फरसवानी निवासी 21 वर्षीय ज्ञान प्रसाद राठौर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है और हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था। वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने और उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस ने उसके विरुद्ध गुंडा-बदमाश प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूरी कर 12 सितंबर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच और विवेचना जारी है।
कोरबा पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।


