रायपुर (समाचार मित्र) राज्य के अधिकारी एवं कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तनाव से निपटने की कला सिखाने पर जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग को शामिल किया है। अब सरकारी कर्मचारियों को काम के तनाव से निपटने और बेहतर तरीके से काम करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें योग, प्राणायाम और ध्यान के साथ तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने जैसे विषयों पर फोकस रहेगा। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाना है। प्रशिक्षण से जुड़ा पूरा खर्च संबंधित विभाग अपने निर्धारित प्रशिक्षण बजट से वहन करेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य की विभिन्न प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थाओं को आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए अधिकृत किया है। इनमें छत्तीसगढ़ शासन अकादमी, राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान और लेखा प्रशिक्षण शाला शामिल हैं। ये संस्थाएं संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित कर सकेंगी।
विभागीय बजट से होगा खर्च
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति संबंधित विभाग अपने प्रशिक्षण बजट से करेंगे। विभाग अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अधिकृत प्रशिक्षण संस्थाओं के माध्यम से यह कार्यक्रम आयोजित करा सकेंगे।
सिर्फ योग नहीं, व्यवहार और नेतृत्व पर भी फोकस
प्रशिक्षण को केवल योगाभ्यास तक सीमित नहीं रखा गया है। इसका उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के दबाव, व्यक्तिगत चुनौतियों और तनाव से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाना है। तनाव, चिंता और नकारात्मकता को कम करने के साथ शांत और संतुलित मन विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
नागरिक-केंद्रित सेवा भावना विकसित करने का लक्ष्य
प्रशिक्षण के दौरान सरकारी सेवा में जिम्मेदारी और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के दबाव के बीच बेहतर निर्णय लेने, सहयोग के साथ काम करने और नागरिकों को अधिक प्रभावी सेवा देने के लिए तैयार करना है।

