रायपुर (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी शिक्षा पर फोकस किया जा रहा है। दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद मंजूर किए गए। वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती की गई।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी शिक्षा पर फोकस किया जा रहा है। दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद मंजूर किए गए। वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती की गई। पिछले दो वर्षों में 1 हजार 104 शिक्षकों की सीधी भर्ती की गई। इसके अलावा पांच हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में है। स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद विद्यालयों में तीन हजार से ज्यादा पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। पिछले दो वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी बनाने के लिये कई कदम उठाये गये हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था करने के साथ ही नवाचार पर भी कार्य किया जा रहा है।
नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस स्कूल शिक्षा विभाग की दो वर्षों की विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की उपलब्धता एवं पदोन्नति, भर्ती प्रक्रिया, विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं, विद्यालय अधोसंरचना, बहुभाषी शिक्षा, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग पर फोकस किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानों के अनुरूप 10,538 विद्यालयों का समायोजन किया गया। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि 453 शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और 4,729 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों की पदोन्नति के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478, कुल 2,813 पदों पर प्राचार्यों की पदोन्नति की गई है। टी संवर्ग में 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति और दो वर्षों में विभिन्न पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं।
ऑनलाइन उपस्थिति
शिक्षामंत्री ने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं टीके एप्प के माध्यम से उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। प्रतिदिन टीके एप्प के माध्यम से लगभग 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है। अवकाश प्रबंधन पोर्टल, पेपरलेस कार्यप्रणाली एवं ऑनलाइन संपत्ति विवरण जैसी व्यवस्थाओं से प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है।
परीक्षा परिणाम में सुधार
शिक्षामंत्री ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। परीक्षा पूर्व समीक्षा, ब्लूप्रिंट निर्माण एवं अध्यापन, पालक-शिक्षक बैठकों तथा केंद्रीकृत परीक्षाओं के माध्यम से परीक्षा परिणाम सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है।
शनिवार बैग-रहित दिवस से विद्यार्थियों का समग्र विकास
प्रत्येक शनिवार विद्यार्थियों के लिए तनाव एवं भयमुक्त वातावरण में पठन-पाठन के साथ खेल, योग एवं व्यायाम, स्थानीय कला-संस्कृति, महापुरुषों की जयंती, तीज-त्योहार एवं ऐतिहासिक तिथियों से परिचित कराने वाली गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। भाषण, निबंध, गीत, कहानी एवं लोककथाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के सतत विकास पर बल दिया जा रहा है।
विद्यालय अधोसंरचना पर जोर
तीन वर्षों में 504 नवीन विद्यालयों की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन विद्यालयों के लिए नवीन विद्यालयों का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के मध्य 2,583 नवीन अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति दी गई। विद्यालयों के शौचालय निर्माण एवं मरम्मत के लिए 52 करोड़ 39 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई तथा 302 शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए 100 करोड़ का बजट
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण एवं संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया

