कोरबा (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरबा जिले में पहले सरकारी बीएससी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी है. स्वास्थ्य मंत्री की इस घोषणा के बाद कोरबा जिले में नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए विकल्प खुलेंगे. लेकिन इसी सत्र से बीएससी नर्सिंग कॉलेज का संचालन शुरु करने में कई तरह के प्रशासनिक और बुनियादी चुनौतियां सामने है,क्योंकि पिछले 10 साल से डिप्लोमा देने वाले जीएनएम कॉलेज को अब तक अपना भवन नहीं मिला है.साथ ही साथ जितने फैकल्टी इस कॉलेज में चाहिए उनकी अब तक बहाली सरकार नहीं कर पाई है.
10 साल पुराना कॉलेज सुविधाविहीन
कोरबा जिले में 10 साल से संचालित नर्सिंग में डिप्लोमा देने वाले GMN कॉलेज को बुनियादी संसाधन नहीं मिल पाए हैं.आज भी जीएनएम कॉलेज को अपना भवन और शिक्षक नहीं मिल सके हैं. ऐसे में नए बीएससी नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा और उसे मूर्त रूप दिए जाने के बीच की दूरी को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं. क्योंकि सरकार नया कॉलेज खोलने की घोषणा तो कर देती हैं, लेकिन उसे व्यवस्थित तरीके से चलाने के इंतजाम नहीं होते, जीएनएम कॉलेज इसका जीता जागता उदाहरण है.
इसी सत्र से शुरू होगा नर्सिंग कॉलेज-स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कोरबा जिले में इसी सत्र से एक बीएससी नर्सिंग कॉलेज को मंजूरी दे दी गई है. इसी सत्र से इसका संचालन शुरू होगा.
नर्सिंग कॉलेज के लिए भवन और वहां पढ़ाने वाले फैकल्टी के तौर पर प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती जल्द ही शुरू की जाएगी. कोरबा जिले में संचालित पुराना जीएनएम कॉलेज चलता रहेगा और एक नया बीएससी नर्सिंग कॉलेज जल्दी शुरू होगा. इसकी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं- श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री
इस सत्र से संचालन एक बड़ी चुनौती
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस नए सत्र से कॉलेज सुचारू रूप से शुरू हो पाएगा?. कॉलेज के संचालन के लिए लेक्चर हॉल, लैब, हॉस्टल और प्रशासनिक कार्यालय की आवश्यकता होती है, जिनका फिलहाल अभाव है. कॉलेज को किस उधार के भवन में शुरू किया जाएगा, फिलहाल यह अभी तक स्पष्ट नहीं है.इसके अलावा प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और अन्य योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कब होगी, क्या इस कॉलेज को भी बिना फैकल्टी के ही शुरू किया जाएगा,ये भी बड़ा सवाल है.यदि पूर्व के कॉलेजों की तरह यहां भी शिक्षकों की कमी रही, तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.
कैसे होती है प्रवेश प्रक्रिया ?
बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश पूरी तरह से केंद्रीकृत और पारदर्शी प्रक्रिया है. इसके लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है. प्रवेश परीक्षा के परिणामों के आधार पर संचालन चिकित्सा शिक्षा (DME, Chhattisgarh) द्वारा ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया होती है. छात्रों को उनकी मेरिट और पसंद के अनुसार कॉलेज अलॉट किए होते हैं.उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा भौतिकी , रसायन विज्ञान , जीव विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है.

