कोरबा (समाचार मित्र) सड़क में कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत मुड़ापार से कोरबी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई यह सड़क निर्माण के महज तीन माह के भीतर ही जगह-जगह से टूटने लगी है। सड़क में कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने जिला पंचायत की सभा में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर ग्रामीणों की आवाज बुलंद की है। इतना ही नहीं, मामले की शिकायत मुख्यमंत्री एवं कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत से भी किए जाने की बात सामने आई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि खर्च कर रही है, लेकिन यदि सड़कें कुछ ही महीनों में टूटने लगें तो निर्माण कार्यों की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। निकिता मुकेश जायसवाल की सक्रियता से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

