कोरबा (समाचार मित्र) लगभग 15 वर्ष पूर्व नया पंचायत बनने के बाद अभी तक एक ग्राम पंचायत अपने खुद के भवन के लिए तरस रहा है। पंचायत सरपंच एवं सचिव को मनरेगा के वर्क शेड में पंचायत सभा और अन्य कार्यों का निर्वहन करने को मजबूर है। कोरबा जनपद क्षेत्र में ग्राम पंचायत को विकास के लिए जारी राशि में भेदभाव क्यों किया जा रहा है ये समझ से परे है।

ग्राम पंचायत गोडमा में पंचायत भवन नहीं होने के कारण पंचायत के कामकाज में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत भवन के अभाव में सरपंच, सचिव सहित ग्रामीणों को बैठकर आवश्यक कार्य करने के लिए उचित स्थान उपलब्ध नहीं है।
सबसे अधिक परेशानी पंचायत सचिव को हो रही है, जिनके लिए बैठने और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने की स्थायी व्यवस्था नहीं है। पंचायत से संबंधित दस्तावेजों के रखरखाव और शासकीय कार्यों के निष्पादन में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन किसी भी ग्राम पंचायत के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधा है। इसके अभाव में उन्हें अपने पंचायत संबंधी कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से ग्राम पंचायत गोडमा में जल्द से जल्द पंचायत भवन निर्माण कराने तथा सचिव आवास सहित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए उचित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


