कोरबा (समाचार मित्र) ऊर्जानगरी कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर के सीतामढ़ी, अमरैयापारा,

रविशंकर शुक्ल नगर और मुड़ापार सहित कई निचले इलाकों में एक बार फिर जलभराव की स्थिति बन गई। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग अपने घरों से पानी निकालने और घरेलू सामान को सुरक्षित करने में जुटे नजर आए।
सुबह करीब 11 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। गरज-चमक के साथ आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे से अधिक समय तक हुई झमाझम बारिश से शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश से बढ़ी परेशानी
जिले में पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश

के कारण शहर के निचले इलाकों में बार-बार जलभराव की स्थिति बन रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका असर खेती-किसानी पर दिखाई देने लगा है।
खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भरने के कारण किसानों को रोपा लगाने सहित अन्य कृषि कार्यों में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर धान की फसल प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। खेतों से पानी की उचित निकासी नहीं होने पर किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।

बांगो बांध के जलस्तर पर नजर
लगातार बारिश के कारण बांगो बांध के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई थी। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध के नौ गेट खोले गए थे, जिनमें स्थिति सामान्य होने के बाद छह गेट बंद कर दिए गए। पानी की आवक कम होने से पिछले 24 घंटों में जलस्तर में 11 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई और जलद्वारों की कुल ओपनिंग दो मीटर से घटाकर 1.5 मीटर कर दी गई।
शनिवार सुबह बांगो बांध का जलस्तर 358.21 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि सुबह हुई तेज बारिश के बाद जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।
वहीं दर्री डेम के तीन गेट खुले हुए हैं, जिनसे करीब 1,724.49 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

