कोरबा (समाचार मित्र) लोक संस्कृति और सामाजिक भाईचारे का संदेश लेकर दीपका की धरती पर 30 अगस्त को प्रदेश स्तरीय जबर भोजली रैली निकाली जाएगी। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, लोकगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। सातवें वर्ष आयोजित हो रही रैली को लेकर आयोजकों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। रैली का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी लोक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश देना है। कार्यक्रम की शुरुआत रविवार सुबह 11 बजे गेवरा स्टेडियम स्थित वैष्णो देवी मंदिर से होगी। यहां से निकलने वाली रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए जुना तालाब, प्रगतिनगर दीपका पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। आयोजन में राउत, सुआ, पंथी और मंजरी नाचा के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। नवदुर्गा एवं अन्य पारंपरिक झांकियां भी रैली की शोभा बढ़ाएंगी।छत्तीसगढ़ी गीतों, डीजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों से पूरा वातावरण लोक रंग में रंगा नजर आएगा। आयोजन समिति ने इसे सांस्कृतिक एकता का उत्सव बताते हुए सर्व समाज से भागीदारी की अपील की है।

