छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) के मध्यान्ह भोजन को लेकर सामने आए छिपकली विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों ने एक शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्चों का आरोप है कि शिक्षिका उन्हें डरा-धमका रही थीं और भोजन में छिपकली मिलाने से जुड़ी बात भी सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय और लैब जांच के बाद ही होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। शुरुआती स्तर पर यह संभावना सामने आई है कि स्कूल के किसी अन्य स्टाफ या साथी शिक्षक को फंसाने के उद्देश्य से घटनाक्रम रचा गया हो सकता है। फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच शुरू की। राहत की बात यह रही कि विवादित भोजन बच्चों द्वारा खाए जाने से पहले ही मामला सामने आ गया और किसी बच्चे के बीमार होने की सूचना नहीं है।
मामले की गंभीरता और स्कूल में हुए हंगामे को देखते हुए संबंधित शिक्षिका के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने और उन्हें वहां से हटाकर अन्यत्र भेजे जाने की बात सामने आई है।
वहीं, पूरे मामले की वैज्ञानिक रूप से पुष्टि करने के लिए मध्यान्ह भोजन के सैंपल को लैब टेस्ट के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि भोजन में वास्तव में क्या था और पूरे घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई क्या है।
इस घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में बच्चों की सुरक्षा तथा स्कूल में दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी है।

