छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम छत्तोसगढ़ सहित पूरे देश में एक जुलाई 2026 से लागू हो चुका है। इसके तहत प्रत्येक पंजीकृत जॉब कार्डधारी परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार’ की गारंटी समय पर रोजगार उपलब्ध न होने पर बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में विलंब होने पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पात्र ग्रामीण परिवार को राज्य सरकार से बेरोजगारी भत्ता पाने का कानूनी अधिकार होगा।
इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ‘विकसित भारत- जी राम जी छत्तीसगढ़ मजदुरी और बरोजगारी भत्ता भुगतान नियम 2026’ बनाने जा रही है। पंचायत व ग्रामीण विकास ” विभाग द्वारा नए नियम के प्रारूप की सूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है और आम नागरिकों से 30 दिनों के भीतर आपत्ति व सुझाव मंगाए गए है।
कब होंगे बेरोजगारी भत्ते के लिए पात्रता ?
अधिनियम के तहत जहां किसी आवेदक को उसके रोजगार के लिए आवेदन की प्राप्ति के 15 दिवस के अंदर या भविष्य की तिथि निर्दिष्ट करने वाले आवेदन की दशा में रोजगार मांगे जाने की तिथि से 15 दिवस के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक ऐसी तिथि के सोलहवें दिन से दैनिक बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करन का हकदार होगा।
30 दिन के अंदर करना होगा आवेदन !
प्रत्येक आवेदक निर्धारित तिथि की समाप्ति के बाद 30 दिवस के भीतर ग्राम पंचायत या कार्यक्रम अधिकारी का बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन प्रस्तुत करेगा। आवेदक को कार्य पर उपस्थित होने का प्रमाण या साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। साथ ही यह साबित करना होगा कि उसे कार्यान्वयन अभिकरण द्वारा रोजगार प्रदान नही कराया गया था।


