छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) आवारा एवं घुमंतू पशुओं को कथित रूप से अनाधिकृत तरीके से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है। मामला
पुलिस के अनुसार बेमेतरा जिले के हेमाबंद ( दाढ़ी) तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और उसके पुत्र संजय राय (35 वर्ष) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
शासकीय भूमि से हटाया गया अतिक्रमण
प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कथित रूप से कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूरी कर ली गई। वहीं, मामले में जब्त किए गए ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस ने शुरू कर दी है।
126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया
मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की विभिन्न गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया। पशुओं के स्वास्थ्य और उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच
जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए। इनकी मौत किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और जांच की जा रही है।
पंचायत सचिव निलंबित
मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। ग्राम पंचायत हेमाबंद के सचिव प्रकाश कोशले को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने कहा है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

