कोरबा/करतला (समाचार मित्र) : एक बार फ़िर जनता के हितों की लड़ाई में समाचार मित्र ने अपनी प्रमुख सहभागिता निभाई है और समाचार मित्र की टीम द्वारा प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। जनपद पंचायत करतला अंतर्गत मुख्यालय से महज 100 मीटर दूर ही शासकीय यात्री प्रतीक्षालय पर अवैध कब्जा करने के मामले में कार्यवाही शुरू हो गया है। शासकीय यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण खनिज न्यास मद से 12.50 रुपए की लागत से किया जा रहा था परंतु ठेकेदार ने निर्माण एजेंसी सरपंच/सचिव बातों को आजरंदाज कर उसी यात्री प्रतीक्षालय में कब्जा कर निजी दुकान के रूप में तब्दील कर लिया। उक्त प्रतीक्षालय के सामने सीट और दुकान अंदर काउंटर, पेंट, वाहन और रैक लगाकर दुकान का संचालन किया जा रहा है। किसी भी ग्रामवासी को यात्री प्रतीक्षालय भवन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जानकारी के अनुसार बिना कब्जा हटाए भवन के लिए दूसरी किस्त निकालने की भी तैयारी हो रही है।
समाचार मित्र ने प्रमुखता से ख़बर को किया था प्रकाशित !
मामले में समाचार मित्र ने 31 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसपर करतला जनपद सीईओ वैभव कौशिक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्माण एजेंसी सरपंच/सचिव ग्राम पंचायत करतला को सार्वजनिक हित हेतु निर्मित यात्री प्रतीक्षालय को तत्काल कब्जा मुक्त कराकर प्रतिवेदन जनपद कार्यालय को प्रेषित करने का आदेश दिया है।
नोटिस में शासकीय संपत्ति पर कब्जा होने पर कार्यवाही के निर्देश !
नोटिस में बताया गया है कि शासकीय परिसंपत्ति पर निजी कब्ज़ा करना उचित नहीं है। साथ ही सरपंच/सचिव को भविष्य में उक्त कार्यवाही में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शासकीय/सार्वजनिक परिसंपत्ति पर भविष्य में किसी भी प्रकार का अनाधिकृत कब्जा अथवा निजी उपयोग न हो तथा ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबांधित के विरुद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए। उक्त निदेशों का तत्काल पालन करतं हुए ‘की गईं कार्यवाही से इस कार्यालय को अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए है। अब देखना होगा कि क्या शासकीय यात्री प्रतीक्षालय में हुए अवैध कब्जे को हटा पाने में प्रशासन कामयाब होगा या कब्जाधारी के हौसले इतने बुलंद होंगे कि आम नागरिकों की हितों से ज्यादा निजी हितों के लिए दुकान का संचालन जारी रखा जाएगा। मामले में करतला मुख्यालय के जागरूक नागरिकों का पक्ष भी देखना होगा जो गलत कार्यों का सामने आकर विरोध करते है या नहीं ?

ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढ़ रहे विकास कार्य, ग्राम पंचायत नियम विरुद्ध कर रहे निर्माण कार्य !
करतला और आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के नाम कर 40 प्रतिशत की अग्रिम राशि जारी होने के बाद वर्षों तक ठेकेदार पंचायत राशि दबाकर बैठ जाते है जिससे न केवल विकास कार्य बल्कि भवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रहे है। कार्य तो संबंधित पंचायत को दिया जाता है क्योंकि वो निर्माण एजेंसी है परंतु पंचायत द्वारा कथाकथित ऐसे ठेकेदारों को काम सौंप दिया जाता है जो बाद में उसी भवन पर कब्जा कर लेते है और ऐसे भ्रष्ट ठेकेदार की वजह से बेवहज ही सरपंच/सचिव को नोटिस जारी होकर परेशान होना पड़ता है। कुछ समय पूर्व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ठेकेदारी प्रथा और निर्माण कार्यों में देरी पर करतला जनपद मुख्यालय का घेराव भी किया था।

