छत्तीसगढ़/सक्ति (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव कई घोषणाएं कर चुके है, शिक्षकों की मांगों पर भी राज्य सरकार गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है हालही में VSK ऐप की तकनीकी त्रुटि से वेतन नहीं कटने का भी आश्वासन दिया गया है परंतु कुछ शिक्षकों की मनमानी ने पूरे शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सक्ति जिले के बरपाली संकुल अंतर्गत आने वाले लगभग सभी शासकीय स्कूलों में दोपहर करीब 2 बजे से ही ताला लटका नजर आया। आरोप है कि स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की समय से पहले छुट्टी कराकर सभी शिक्षक संकुल प्रभारी के कहने पर शिक्षण कार्य छोड़कर बैठक में शामिल होने चले गए।
शासकीय प्राथमिक शाला छिंदमुड़ा, शासकीय शाला मोहगांव शासकीय प्राथमिक शाला गहरीनमुड़ा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गहरीनमुड़ा सहित संकुल केंद्र बरपाली से कई स्कूल बंद थे जहां खुद संकुल शैक्षिक समन्वयक पदस्थ है वो भी स्कूल बंद पाया गया।
बताया जा रहा है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही शासन द्वारा निर्धारित शिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर बच्चों की छुट्टी कर शिक्षकों को बैठक में बुलाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया और क्या इसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति ली गई थी? यह जांच का विषय है।
ग्राम पंचायत गहरीनमुड़ा के सरपंच देव नारायण जायसवाल ने भी समय से पहले स्कूल बंद करने पर नाराजगी व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि समय से पूर्व स्कूल बंद करने से छात्रों की पढ़ाई एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित होता है।
मामले को लेकर जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) दिलीप पटेल एवं प्रभारी DEO श्री अग्रवाल जी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। अधिकारियों की चुप्पी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
समाचार मित्र की टीम के द्वारा मामले की जानकारी जिला कलेक्टर को भी दी गई है, जिस पर कलेक्टर की ओर से उचित जांच का भरोसा दिलाया गया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित करने के मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
समाचार मित्र न्यूज़ की नजर अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर बनी रहेगी।

