कोरबा (समाचार मित्र) एक बार फिर समाचार मित्र की ख़बर का बड़ा असर हुआ है। समय से पूर्व ही स्कूल बंद कर चले जाने वाले शिक्षकों को जिला कलेक्टर के कड़े निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हालांकि संकुल समन्वयक की लापरवाही पर शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी मौन है। वही कई मामले में खण्ड शिक्षा अधिकारी को बताने पर उनके द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जिससे कोरबा विकासखण्ड के लापरवाह शिक्षकों की मनमानी बढ़ते जा रही है।
कोरबा विकासखण्ड अंतर्गत लेमरू संकुल केंद्र स्थित शासकीय प्राथमिक शाला छातीबाहर का है जहां निर्धारित समय से पहले ही सरकारी स्कूल बंद कर दिया गया था, मामले को समाचार मित्र ने प्रमुखता से उठाया था। स्कूल समय से पहले बंद होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। आपको बता कि बुधवार को 2 बजे ही यहां का शासकीय स्कूल बंद पाया गया था। संकुल समन्वयक प्रदीप चंदेल से इस संबंध में जब बात करना चाहा तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेर लिया और पुस्तक वितरण का बहाना बताकर लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों का बचाव करते नजर आए थे। वही प्रधानपाठक ठाकुर सिंह मंझवार ने बताया कि वो पुस्तक लेने संकुल आए थे उन्हें स्कूल बंद होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने भी अपनी गलती स्वीकार करने के बजाए स्कूल में पदस्त अन्य शिक्षिका पर आरोप मढ़ दिया। जिस स्कूल का संचालन समय पर नहीं किया जा रहा है उस स्कूल में पढ़ाई का स्तर क्या होगा ये बताने की आवश्यकता नहीं है।

