कोरबा/कटघोरा (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच कोरबा जिले के कटघोरा में प्रसिद्ध ‘कटघोरा के राजा’ का भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। विशाल शोभायात्रा, आकर्षक झांकियों, ढोल-नगाड़ों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आतिशबाजी के बीच पूरा कटघोरा नगर गणपति बप्पा की भक्ति में रंगा नजर आया। कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कासनिया से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा
‘कटघोरा के राजा’ की स्वागत यात्रा की शुरुआत कासनिया से हुई। मुख्य मार्ग से गुजरते हुए प्रतिमा ने नगर में प्रवेश किया। शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भगवान गणेश की 21 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा रही। प्रतिमा की एक झलक पाने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा
आगमन यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। हनुमानजी की आकर्षक झांकी, गोंदिया से पहुंचे प्रसिद्ध ढोल कलाकारों की प्रस्तुति और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा दिया।
मुंबई से आए कलाकारों की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं कटघोरा के शहीद वीर नारायण चौक पर भव्य स्वागत मंच तैयार किया गया था, जहां रंगोली, स्केटिंग सहित कई आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
आतिशबाजी से जगमगाया कटघोरा
‘कटघोरा के राजा’ के नगर आगमन के बाद शानदार आतिशबाजी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी के बीच पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। ढोल-नगाड़ों और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा।
दूसरे जिलों से भी पहुंचे श्रद्धालु
इस भव्य आयोजन को देखने के लिए केवल कटघोरा ही नहीं, बल्कि कोरबा जिले सहित आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने ‘कटघोरा के राजा’ की लोकप्रियता और आयोजन की भव्यता को एक बार फिर साबित किया।
जय देव गणेश उत्सव समिति कर रही आयोजन
‘कटघोरा के राजा’ के आयोजन में जय देव गणेश उत्सव समिति की प्रमुख भूमिका है। समिति द्वारा हर वर्ष अलग-अलग आकर्षक थीम पर पंडाल तैयार किया जाता है। इस बार भी विशेष थीम पर तैयार पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
राजनांदगांव में तैयार हुई 21 फीट की प्रतिमा
भगवान गणेश की 21 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का निर्माण राजनांदगांव जिले की राधे आर्ट गैलरी द्वारा किया गया है। प्रतिमा की भव्यता और कलाकारी को देखकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष शुभम शर्मा ने बताया कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए समिति के सभी सदस्यों ने लंबे समय से तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 10 वर्षों से कटघोरा में यह आयोजन लगातार किया जा रहा है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘कटघोरा के राजा’ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार उन्हें हर साल गणेश चतुर्थी और ‘कटघोरा के राजा’ के आगमन का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार भी भव्य स्वागत यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे नगर में उत्सव और आस्था का माहौल बना दिया।
गणपति बप्पा मोरया… कटघोरा के राजा की जय!


