लूट के माल के बंटवारे को लेकर विवाद, मारपीट के बाद पुलिस के सामने आया वारदातों का कनेक्शन ।
बिलासपुर (समाचार मित्र) अपराध की जांच के दौरान कई बार छोटी-सी घटना बड़े मामले की कड़ी बन जाती है। कोटा क्षेत्र में जुलाई में हुई दो लूट की वारदातों की जांच में भी कुछ ऐसा ही सामने आया। पुलिस के मुताबिक, लूट के सामान के बंटवारे को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ और पेट्रोल पंप के पास मारपीट की घटना के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी। इसी दौरान पुलिस को जुलाई में हुई दो लूट की घटनाओं से जुड़े अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है।
एएसपी मधुलिका सिंह के अनुसार, पूछताछ और जांच के दौरान दोनों घटनाओं के बीच कथित कनेक्शन सामने आया। पुलिस का कहना है कि जांच में रीवा से कथित तौर पर पिस्टल लाने, लूटे गए सोने के जेवर को एक ज्वेलरी दुकान में बेचने तथा वारदातों में इस्तेमाल किए गए वाहनों और मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी सामने आई।
पुलिस ने मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से पिस्टल, सोने के जेवर, आर्टिका कार, प्लेटिना बाइक और छह मोबाइल फोन बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों से संबंधित लूटे गए सामान की पूरी बरामदगी कर ली गई है।
मारपीट की शिकायत से जांच को मिला सुराग
पुलिस के अनुसार, बुधवार को पेट्रोल पंप के पास तीन लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और मारपीट हो गई। इस घटना में घायल बताए जा रहे एक व्यक्ति ने कोटा थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पूछताछ और जांच के दौरान उससे मिली जानकारी के आधार पर आगे की पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को जुलाई में दर्ज दो लूट के मामलों से संबंधित सुराग मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
रेलवे कर्मचारी से कलेक्शन राशि लूटने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पहली घटना 8 जुलाई की है। बताया गया कि बेलगहना रेलवे स्टेशन से करीब 7,430 रुपये की कलेक्शन राशि लेकर जा रहे एक रेलवे कर्मचारी को बड़े बरमाबार मोड़ के सलका डैम के पास कथित तौर पर रोका गया था।
शिकायत के अनुसार, इस दौरान कर्मचारी का बैग ले जाने और उसे धक्का देकर गिराने की घटना हुई। मामले में कोटा थाने में अपराध दर्ज किया गया था और पुलिस इसकी जांच कर रही थी।
बुर्का पहनकर घर में दाखिल होने और जेवर ले जाने का आरोप
दूसरी घटना 18 जुलाई की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपित कथित तौर पर बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में दाखिल हुए थे। शिकायत के मुताबिक, महिला के साथ मारपीट की गई और हथियार दिखाकर सोने के जेवर ले जाने का आरोप है।
शिकायत में करीब 50 हजार रुपये कीमत के सोने के जेवर ले जाने की बात कही गई थी। इनमें तीन फल लॉकेट और दो गेहूं दाना बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आईं कई कड़ियां
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर दोनों मामलों को आपस में जोड़ने वाली कई कड़ियां सामने आई हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आरोपितों की भूमिका, कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
हालांकि, आरोपितों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
लूट का सोना ज्वेलरी दुकान में बेचा
जांच में लूटे गए सोने के आभूषणों को ठिकान े लगाने की कड़ी भी सामन े आई। पुलिस के मुताबिक हर्ष नामदेव की मदद से लूटे गए सोने के आभूषण हर्ष सोनी की ज्वेलरी दुकान पर बेच े गए और इसके बदले रकम हासिल की गई।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और उनके बताए स्थानो ं से लूट का माल बरामद किया है। इसके अलावा वारदात मे ं इस्तेमाल आर्टिका कार, प्लेटिना बाइक और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि दोनो घटनाओ से संबंधित 100 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।
रीवा से पिस्टल, फिर लूट और उसके बाद सोना खपान े की तैयारी
पूछताछ में सामने आया कि राकेश जायसवाल ने अपने साथियो ं दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर पिस्टल की व्यवस्था की थी। सनी सिंह उन्हें रीवा लेकर गया और अपने भाई के माध्यम से पिस्टल उपलब्ध कराई गई। इसी हथियार के सहारे घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया।
लूट के बाद सोने के आभूषणों को अपने पास रखने के बजाय उन्हें बेचकर रकम हासिल की गई। पुलिस ने मेमोरेंडम कथन के आधार पर लूट के माल की बरामदगी की।


