नई दिल्ली (समाचार मित्र) हाइवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. देश में एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे का नेटवर्क बहुत तेजी से बड़ा हो रहा है. इन बेहतरीन सड़कों ने लोगों के सफर को काफी आसान और तेज बना दिया है, लेकिन कई बार वाहन चालकों को बीच रास्ते में बड़ी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. सफर के दौरान सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब चलती गाड़ी अचानक खराब हो जाती है या पंचर हो जाती है. सुनसान रास्तों पर तकनीकी मदद मिलना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बहुत शानदार तैयारी की है, जिससे अब ड्राइवरों को बीच रास्ते में परेशान नहीं होना पड़ेगा.
NHAI ने जारी किए सख्त निर्देश !
वाहन चालकों को इस बड़ी मुसीबत से बचाने के लिए NHAI की सहयोगी कंपनी नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अपने सभी फील्ड ऑफिसों को कड़े निर्देश दिए हैं कि नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे सभी वे-साइड अमेनिटीज (WSA) सेंटर्स पर गाड़ियों की मरम्मत और पंचर ठीक करने की दुकानें अनिवार्य रूप से शुरू की जाएं. ये अमेनिटीज सेंटर्स आमतौर पर हाईवे के किनारे हर 40 से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होते हैं, जहां अब वाहन चालकों को तुरंत रोड साइड गैराज की सुविधा मिल सकेगी.

