छत्तीसगढ़ (समाचार-मित्र) छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के बरपाली संकुल अंतर्गत आने वाले लगभग सभी शासकीय स्कूलों में दोपहर करीब 2 बजे से ही ताला लटका नजर आया। आरोप है कि स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की समय से पहले छुट्टी कराकर सभी शिक्षक संकुल प्रभारी के कहने पर शिक्षण कार्य छोड़कर बैठक में शामिल होने चले गए।
एक बार फिर समाचार मित्र की टीम ने जनहित से जुड़े मुद्दों को खुलकर उठाया है और छात्र छात्राओं के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रमुखता से समय से पूर्व ही स्कूल बंद करने का ख़बर प्रकाशित किया था। संकुल स्तरीय बैठक में संकुल प्रभारी ने सभी शिक्षकों की बैठक आयोजित की थी जिसपर शिक्षकों ने बिना सोचें विचारे ही सभी शिक्षकों ने 2 बजे से पूर्व ही बच्चों की छुट्टी कराकर उन्हें घर भेज दिया था। मामला अब जिला कलेक्टर के संज्ञान में आते ही शिक्षा विभाग ने सभी 10 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। गहरिनमुड़ा गांव के सरपंच देव जायसवाल ने भी समय से पूर्व स्कूल बंद करने पर चिंता व्यक्त की थी।
शासकीय प्राथमिक शाला छिंदमुड़ा, शासकीय शाला मोहगांव शासकीय प्राथमिक शाला गहरीनमुड़ा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गहरीनमुड़ा सहित संकुल केंद्र बरपाली से कई स्कूल बंद थे जहां खुद संकुल शैक्षिक समन्वयक पदस्थ है वो भी स्कूल बंद पाया गया।
सक्ति BEO ने सभी 10 शिक्षकों को जारी किया कारण बताओ नोटिस !
सक्ति के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दिलीप पटेल ने मामले में उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद स्कूल बंद कर मीटिंग में जाने वाले सभी 10 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी 3 दिवस के भीतर लिखित मांगा है संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही करने का प्रावधान है।

स्कूल बंद कर मीटिंग बुलाने वाले संकुल प्रभारी को नहीं किया तलब !
संकुल के सभी स्कूलों में ताला लगवाकर मुख्य शैक्षणिक कार्य छोड़कर सभी शिक्षकों को मीटिंग बुलाने वाले बरपाली के प्राचार्य को शिक्षा विभाग ने अभी तलब नहीं किया है। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि स्कूल बंद कर बैठक करने का नियम नहीं है और न ही इस तरह का कोई निर्देश प्राचार्य को दिया गया था। अब देखना होगा कि पूरे मामले में संकुल प्रभारी की इस घोर लापरवाही पर शिक्षा विभाग क्या कार्यवाही करता है।

