सीवीआरयू में इनोवेशन का संगम, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 सम्पन्न ।
32 टीमों के 190 छात्रों ने पेश किए समाधान, खेती से लेकर साइबर सुरक्षा तक के आइडिया ने जीता दिल।
बिलासपुर (समाचार मित्र) डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (सीवीआरयू) में भारत सरकार के ‘विकसित भारत-2047’ मिशन के तहत स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 का भव्य आयोजन किया गया।

हैकाथॉन में इंजीनियरिंग, आईटी, मैनेजमेंट और साइंस सहित विभिन्न विभागों की 32 टीमों के 190 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने देश की जमीनी समस्याओं पर तकनीक आधारित समाधान प्रस्तुत कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
ड्रोन से खेती, तो AI से मंडी की समस्या का हल
प्रतिभागियों ने खेती-किसानी में ड्रोन तकनीक का उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं को स्मार्ट बनाना, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने जैसे विषयों पर प्रोटोटाइप और प्रजेंटेशन दिए। छात्रों ने बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक से किसानों की लागत कम की जा सकती है और आम लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष, कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी और समकुलपति डॉ. जयंति चटर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। निर्णायक के रूप में डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, डॉ. विवेक बाजपेई और मारुति नंदन ने प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अभिनव शुक्ला और डॉ. आयुष अग्रवाल ने किया।

क्या बोले अतिथि –
कुलपति प्रो. घोष ने कहा, _”स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन छात्रों को किताबों से निकालकर देश की वास्तविक समस्याओं से जोड़ता है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में युवाओं का पहला कदम है।”_
कुलसचिव डॉ. तिवारी ने कहा, _”यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि रचनात्मकता को समाज की जरूरतों से जोड़ने का मंच है।”_
समकुलपति डॉ. चटर्जी ने कहा, _”छात्रों के आइडिया उनकी तकनीकी समझ और सामाजिक सरोकार दोनों को दिखाते हैं। युवा ही देश की चुनौतियों का सबसे बड़ा समाधान हैं।”_
निर्णायकों ने प्रोजेक्ट की उपयोगिता, नवाचार और व्यवहारिकता के आधार पर छात्रों का मार्गदर्शन भी किया।



