कटघोरा (समाचार मित्र) कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। नगर में कई जगहों पर नलों से मटमैला और गंदा पानी आने की शिकायत सामने आई है। लोगों का कहना है कि पानी की स्थिति ऐसी है कि इसे पीने के अलावा घरेलू उपयोग में लेने से पहले भी कई बार सोचना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार पानी में मिट्टी और फिटकरी की मात्रा अधिक होने से उसका रंग, स्वाद और गंध प्रभावित हो रही है। इसके चलते खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुद्धिकरण के नाम पर लाखों के काम, फिर भी समस्या बरकरार
बताया गया है कि नगर पालिका परिषद द्वारा जल आपूर्ति व्यवस्था और शुद्धिकरण को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक के बोरवेल में क्लोरीनीकरण कार्य के लिए करीब 31.26 लाख रुपये तथा एचपी के ऊपर बोरवेल में क्लोरीनीकरण के लिए करीब 26.07 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाले कार्य शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग वार्डों में पाइपलाइन विस्तार के कार्य भी प्रस्तावित हैं।
ऐसे में नागरिकों का सवाल है कि यदि जल शुद्धिकरण और आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर घरों तक साफ पानी क्यों नहीं पहुंच रहा है?
अधिकारी से संपर्क नहीं होने का आरोप
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पेयजल समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कई बार फोन पर उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलती। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
नागरिकों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर नगर पालिका को तत्काल गंभीरता दिखानी चाहिए और पानी की गुणवत्ता की जांच कराकर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
बीमारी का खतरा, तत्काल जांच की मांग
मटमैले पानी को लेकर लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी बनी हुई है। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग पानी के नमूनों की जांच कराए और रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आपूर्ति किया जा रहा पानी पीने योग्य है या नहीं।
आंदोलन की चेतावनी
लगातार समस्या बने रहने से वार्डवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही साफ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो वे नगर पालिका के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। कुछ नागरिकों ने साफ पानी की व्यवस्था होने तक जल कर नहीं देने की बात भी कही है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और कटघोरा की जनता को कब तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो पाता है।

