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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में सुनाया बड़ा फैसला, कहा इस तरह के मामले खारिज करने योग्य !

देश (समाचार मित्र) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में अहम फैसला सुनाया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध कायम रखने के बाद रिश्ता टूटने से उत्पन्न निराशा पर धोखे और छल से संबंध बनाने का आरोप लगाना दंडनीय अपराध नहीं माना जा सकता है। कोर्ट का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 केवल धोखे या छल से बनाए गए संबंधों को दंडित करती है ना कि आपसी सहमति से बने रिश्तों के टूटने से उत्पन्न निराशा को। लंबे समय तक चले सहमति आधारित संबंध को बाद में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।

नीलेश राम चंदानी की याचिका स्वीकार !


कोर्ट ने झूठे वादे से संबंध बनाने की धारा 69 के तहत दर्ज अपराध को रद्द कर दिया लेकिन अन्य धाराओं में दर्ज FIR की विवेचना जारी रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक याचियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने यह आदेश नीलेश राम चंदानी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

Nimesh Kumar Rathore

Chief Editor, Mob. 7587031310
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