कोरबा (समाचार मित्र) कोरबा जिले के एक और सहकारी समिति पर गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। राजस्व व सहकारिता विभाग की संयूक्त टीम से जांच कराने की मांग करते हुए अरुण कुमार राठौर ने 17 बिन्दुओ का शिकायत कलेक्टर को प्रेषित किया है।
जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कोरबी (पाली) में प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल, जमाल खान व अन्य के द्वारा भारी भ्रष्टाचार, गंभीर वित्तिय अनियमितता करने पर कड़ी कार्यवाही/एफआईआर की मांग की गई है।

राजस्व व सहकारिता विभाग की संयूक्त टीम से जांच कराने की मांग करते हुए अरुण कुमार राठौर ने 17 बिन्दुओ का शिकायत कलेक्टर को प्रेषित किया है। समिति को भारी वित्तिय हानी एवं अनेक प्रकार की कार्य संचालन में गंभीर अनियमितता के आरोप है। शिकायतकर्ता ने इस आधारों पर जांच की मांग की है –
यह की समिति के बैंक खाते से प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने राशि आहरण सहकारिता विस्तार अधिकारी व बैंक प्रतिनिधी शाखा प्रबंधक के बैठक में उपस्थिति के बिना समिति के बैंक खाते से राशि आहरण किया गया है, एवं प्रभारी समिति प्रबंधक नें समिति के कभी भी किसी भी खाते से राशि आहरण पर सहकारिता विस्तार अधिकारी का अनुशंसा नही लेकर कार्यालय उप पंजीयक जिला कोरबा के समिति के खातों से राशि आहरण किए जाने के समय समय पर दिए गये आदेश / निर्देशों की अव्हेलना किया है।
यह कि समिति के धान खरीदी खाता से राशि आहरण एवं किसी भी प्रकार की सामग्री की खरीदी जैमपोर्टल से तथा पोर्टल पर रजिस्टर्ड दूकान संस्था के माध्यम से ही खरीदी किए जाने का पूर्ण रूप से उल्लघन किया है। तथा अपने निज करीबी रिस्तेदार के दुकान मां शारदा इंटरप्राइजेश से ही अधिकतर समिति से संबधित सामानो की खरीदी व फर्जी बिल तैयार / बढ़े राशि का बिल बनाकर राशि आहरण किया है।
नियमानुसार सामग्री खरीदी पर कम से कम तीन कोटेशन लेकर प्रस्ताव कर सबसे कम कीमत में उपलब्ध होने वाले दुकान से सामग्री खरीदी करने का नियम का पुर्ण रूप से जानबुझकर अनदेखी कर नियम विरूद्ध समिति के राशि का दुरूपयोग व राशि आहरण में मनमानीपुर्वक आहरण व प्रबंधकीय कार्य में लापरवाही किया है। घनश्याम जायसवाल के द्वारा प्रत्येक खरीदी किए गये सामानों की वास्तविक बाजार मुल्यों की जांच की जावें। सभी खरीदी सामग्री (डेड स्टाक) समिति में उपलब्ध होनें की भी जांच करें।
यह कि प्रभारी समिति प्रबंधक कोरबी घनश्याम जायसवाल के द्वारा बैंक कर्मचारियों के मिलीभगत से समिति कोरबी के प्रांगण में मुरूम समतलिकरण के नाम से 29500 व नवीन समिति ढ़ोलपुर मे भी मुरूमिकरण के नाम पर 45000 रूपयें फर्जी बिल तैयार कर बैंक पर्यवेक्षक व प्रबंधक के मिलीभगत से समिति के खाते से राशि आहरण स्टेंटमेंट अनुसार दिनांक 13.7.26 व 24.7.26 को किए है। जबकि समिति कोरबी व ढ़ोलपुर में कोई भी मुरूम या समतलिकरण का कार्य कभी भी नही कराया गया है। ना ही उच्च कार्यालय से मुरूमीकरण कार्य हेतु स्टीमेंट तैयार कर कभी स्वीकृति चाही गई है। जिससे स्पष्ट है कि उक्त दोनो समिति के नाम पर मुरूम समतलिकरण कार्य किए बिना ही, कार्य की राशि आहरण पर बैंक पर्यवेक्षक व बैंक प्रबंधक भी समान रूप से संलिप्त है। जिस पर एफ.आई.आर. कर कड़ी कार्यवाही करें।
यह कि समिति प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल नें समिति के सेविंग अनिवार्य अमानत खातें में से राशि आहरण नियम को ताक में रखकर समिति के सेविंग खातें की राशि का आहरण धान खरीदी कार्य के नाम से बारदाना छपाई, भुसी व बोरी खरीदी, बारदाना स्टेंशिल छपाई, व धान खरीदी चौकीदार भुगतान के नाम पर नियम विरूद्ध आहरण किया है। जबकि प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि समिति के सेविंग अनिवार्य अमानत खाते के राशि का उपयोग समिति कर्मचारी वेतन व कार्यालयीन संचालन में ही किया जावें या अतिआवश्यक अन्य कार्य हेतु भुगतान किए जाने की स्थिति में उच्च कार्यालय या सक्षम अधिकारी से अनुमति पश्चात ही अन्य मद में खर्च की जावें। धान खरीदी कार्य हेतु पर्याप्त राशि समिति को प्रासंगिक व प्रसासनिक व्यय खाते में प्राप्त होती है जिस पर ही धान खरीदी व धान सुरक्षा कार्य किया जाना शासन द्वारा प्रस्तावित है। यदि ऐसा नही किया जाता है तो या कोई समिति प्रबंधक सक्षम नही है तो सेवा नियम व आवश्यकता अनुरूप कठोर कार्यवाही करने का प्रावधान है।
यह कि समिति कोरबी के अनिवार्य अमानत खाता से प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने नगद कैश में राशि आहरण दिनांक 6.12.26 को 55000रू, 17.1.26 को 7368 रू, दिनांक 23.3.26 को 8680 रू. दिनांक 25.3.26 को 2800 रू. व दिनांक 24.7.26 को 39500 रूपये शासन के नियमो को ताक में रहकर समिति के खाते से राशि का स्वतः आहरण कैश नगद रूप में किया है जों पुर्णतः गलत व नियमविरूद्ध है। जिसमें सहकारी नियमों का उल्लघन कर राशि कैश में देकर बैंक संबधित अधिकारी भी जिम्मेदार है। सभी जवाबदारों पर कार्यवाही की जावें।
प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने बिना बिल वाउचर व सहकारिता विस्तार अधिकारी तथा अन्य धान खरीदी निति के तहत बोर्ड फोरम पुर्ण किए बिना धान खरीदी की राशि आहरण किया है। राशि का आहरण / भुगतान अपने निजी बैंक खातें में नियम विरूद्ध किया है। धान खरीदी प्रासंगिक प्रशासनिक खाता से स्टेटमेंट अनुसार दिनांक 6.12.2025 कों 197400 रू व दिनांक 17.1.2026 कों 214000 रूपये आहरण अपने निजी खातें में जमा कर किया है जो पुर्णः गलत है।
यह कि प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने अपने निज परिचित कृषक को वित्तिय लाभ पहुंचाने के नियत से समिति के अनिवार्य अमानत सेविंग खाता की राशि 8000 रूपये दिनांक 6.12.2025 को हिस्सा राशि वापसी के नाम से स्थानांतरित किया हैं। जबकि यह छ०ग० सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960, छ०ग० सहकारी सोसाइटी नियम 1962, व प्राथमिक सहकारी समिति उपविधियों में हिस्सा राशि वापसी किए जाने संबधी नियम निम्नानुसार रूप से स्पष्ट दर्शित है कि-
सदस्य अपनी हिस्सा राशि अंश पुंजी (केवल समिति की सदस्यता समाप्ति पर) इस्तिफा, मृत्यु, अयोग्य / निष्काषित, होने पर ही वापस प्राप्त कर सकेगा।
कोई भी कृषक सदस्य अंश हिस्सा राशि चालु ऋण रहते या सक्रिय सदस्यता के दौरान राशि वापसी या निकासी नही कर सकेगा।
सदस्य को कम से कम 3 माह पुर्व बकाया ऋण जमा पश्चात, सदस्यता समाप्ति कर अंश हिस्सा राशि वापसी आवेदन प्रस्तुत करेगा।
जबकी प्रावधानों में स्पष्ट है कि कोई भी कृषक चालु ऋण में इस्तीफा नही दे सकेगा ना ही बिना ऋण राशि जमा के पुर्व नो ड्यूज प्राप्त कर सकेगा। अंतिम सेटलमेंट या सदस्यता समाप्ति में ही हिस्सा राशि वापसी का प्रावधान है। सभी नियमों को दरकिनार करते हुए प्रभारी प्रबंधक ने अपने चहेते कृषक को निजी खातें में हिस्सा राशि देकर सहकारिता के नियम अधिनियम उपविधियों के प्रति घोर लापरवाही घनश्याम जायसवाल ने बैंक कर्मचारियों के सहयोंग मिलीभगत से वित्तिय अनियमितता किया है। जो कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल नें उक्त कृषक का चालु बकाया ऋण लगभग 200000 रूपये से अधिक के रहतें हुए हिस्सा राशि वापसी के रूप में अनिवार्य अमानत सेंविंग खाता से राशि आहरण कर नियमविरूद्ध कार्य किया है। एवं इस अनियमितता को जारी रखतें हुए किसान से सदस्यता पंजी क्रेडिट कार्ड से राशि किसान को वापस किया जाना भी बताया है। जिस पर कड़ी कार्यवाही करें।
यह कि सहकारी समिति कोरबी के वर्तमान प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल को मासिक वेतन वर्तमान प्रभार के पुर्व तक 15000 रूपये प्रति माह के दर से समिति से भुगतान किया जाता था, जिसे घनश्याम जायसवाल के द्वारा नियम विरूद्ध बिना उपपंजीयक कार्यालय से अनूमति लिए, बिना वेतन वृद्धि प्रस्ताव तथा अनुमोदन के 18420+1000 के दर से अपने समिति प्रभारी प्रबंधक पद का दुरूपयोग कर लगातार अपने वेतन को बढ़ाकर आहरण कर रहा है। वेतन वृद्धि की कार्यवाही समिति को लाभ में होने से समिति के वर्तमान पदस्थ सभी कर्मचारियों का एक साथ वेतन वृद्धि संबधि प्रस्ताव किया जाना था ना कि निजी तौर पर स्वयं का। तत्पश्चात उपपंजीयक कार्यालय के वेतन वृद्धि अनुमोदन से ही आहरण किए जाने के नियम को पुरी तरह से ताक में रखकर लगातार अपने स्वयं के वित्तिय लाभ हेतु समिति के पैसा का आहरण कर रहा है। जिस पर सभी वेतन आहरण हेतु जिम्मेदार कभी व्यक्तियों या अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करें।
यह कि धान खरीदी हेतु प्रासंगिक व सूरक्षा व्यय की सम्पूर्ण राशि समिति प्रासंगिक प्रशासनिक खाते में शासन द्वारा जमा के पश्चात उक्त राशि से ही आहरण / खर्च कर धान खरीदी सम्पन्न कराया जाता है। उक्त राशि आहरण के उपरांत धान खरीदी व्यय के रूप में नियमविरूद्ध समिति के अनिवार्य सेविंग खाते से भी धान खरीदी व्यय के नाम पर दिनांक 30.03.2026 को क्रमशः राशि 100960, 48200, 108000, 203107 रूपये कुल राशि 4,60,000 रूपयें नियम विरूद्ध बैंक कर्मचारियों पर्यवेक्षक व बैंक प्रबंधक के साठगाठ से फर्जी बील वाउचर तैयार कर राशि आहरण किए है जिसे पुरी तरह संबंधितों से वसुली करते हुए कठोर कार्यवाही किया जावें।
धान खदीदी में संलग्न हमालों को हमाली राशि 10 रूपयें प्रति क्विटल 812420 रूपये के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का भुगतान नही किया गया है। हमालों को हमाली भुगतान 13 प्रति क्तिटल दर से हमालों के खाते में कुल राशि 1056042 रूपये डालकर उक्त राशि में सें प्रति क्विटल 3 रूपये की दर से राशि लगभग 243000 रूपये हमालों के खातें में तुरंत ही हस्तांतरण के साथ ही सामनें में ही आहरण पर्ची भरकर बैक के समक्ष हमालों से प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने नगदी रूप में वापस ले लिया है, जो वित्तिय अनियमितता है। दिनांक 30.3.26 को अनिवार्य अमानत खातें से अलग अलग मद, (नरेशन) में किया गया चारों लेबर भुगतान राशि हमालों के खातें में ही डालकर बैक आहरण पर्ची भरकर प्रबंधक ने स्वतः नगदी के रूप में आहरण कर सभी पैसा वापस ले लिया है। उक्त चारो लेबर भुगतान कुल राशि 4,60,000 रूपये पुर्णरूप से वित्तिय अनियमितता कर आहरण, बंदरबाट की गई राशि है जो प्रबंधक व संबधितों से वसुल किये जाने योग्य राशि है। (सहकारी समिति कोरबी हमाल मोकरदम रघुनंदन जगत से शपथ पुर्वक बयान दर्ज की जावें)
यह कि धान खरीदी मद प्रासंगिक प्रसासनिक खाता 106003884154 में प्राप्त लगभग 27 रूपये प्रति क्विटल की दर से 2258403.75 राशि में से आहरण दिनांक 6.12.25, 17.1.26, 23.3.26, 24. 3.26 व 25.3.26 की सम्पुर्ण राशि 2259486 रूपयों की विस्तुत जांच किया जावें। कि शासन के नियमानूसार राशि आहरण में बोर्ड फोरम पुर्ति, अनुशंसा, अनुमति प्रदान हुई है या नहीं। बिल वाउचर, स्टेटमेंट में लिखें नरेशन अनुसार धान खदीदी अतिरिक्त फड़ व्यव, धान खरीदी मानदेय की गहन पुर्वक जांच कर गलत राशि आहरण पर कड़ी कार्यवाही करें।
यह कि समिति अनिवार्य सेंविग खाता 106007037714 में से संलग्न बैंक स्टेंटमेंट की कुल आहरित राशि 3019669.19 रूपयों में से आहरित प्रत्येक राशि डेबिट हेड अनुसार गहन जांच करें। कि शासन के नियमानूसार राशि आहरण में बोर्ड फोरम पुर्ति, अनुशंसा, अनुमति प्रदान सहित बिल वाउचर, स्टेटमेंट में लिखें नरेशन अनुसार कार्य, विशेषकर कन्टिजेन्ट खर्च व नवीन समिति ढोलपुर से संबधित राशि आहरण बिल वाउचर व कार्य पुर्णता डेड स्टाक की जांच करें। अनेक कमीयां और वित्तिय अनियमितता कर समिति के राशि का गबन किया गया है।
यह कि समिति प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने वर्ष 2025-26 में धान खदीदी के दौरान उपार्जन कार्य हेतु एक मुल फड़ होते हुए भी अतिरिक्त वित्तिय हेराफेरी के उद्देश्य से एक अतिरिक्त धान खरीदी का फड़ तैयार कर संचालन किया है और उसकी तैयारी, चौकीदारी तथा अतिरिक्त फड़ से संबधित कार्य के नाम से राशि समिति के खातें से आहरण कर वित्तिय अनियमितता किया है। जो नियम विरूद्ध है। जबकि सहकारी सोसाइटी से संबधितो नियमों में स्पष्ट है कि समिति किसी भी प्रकार का कार्य या स्थान में बदलाव सक्षम अधिकारी के आदेश व अनुमति से करेगा। उपविधियों के अनुसार संबधित उप रजिस्टार या रजिस्टार के अनुमति बिना अतिरिक्त धान उपार्जन फड़ संचालन किया जाना नियम विरूद्ध है।
(कर्मचारी भर्ती / कार्य अतिरिक्त नियम विरूद्ध) यह कि प्रभारी प्रबंधक ने समिति में बिना किसी प्रस्ताव व उप पंजीयक कार्यालय के अनुमति या अनुमोदन के कर्मचारी या वर्कर के रूप में अपने परिचित व्यक्ति कोरबी निवासी तुषार पिता मेलुराम व कृष्ण कुमार पिता अहरता राठौर तथा ग्राम ढ़ोलपुर निवासी प्रमोद कंवर पिता मालिकराम जो कि पूर्व अशासकीय प्राधिकृत अधिकारी के भाई है से कार्यालय में कार्यरत रेगुलर कर्मचारी के जैसे कार्य (बाहरी व्यक्ति को) खाद बिज वितरण व समिति के अनिवार्य रिकार्ड संधारण जैसे अतिसंवेदनशील व महत्वपुर्ण कार्य लगातर करा रहा है। रिकार्ड जो समिति के मुख्य कार्यप्रणाली व वित्तिय आंकडे होते है जिस पर पुरी समिति टिकी होती है। जो कार्य व समिति के प्रति घोर लापरवाही है। प्रबंधक जायसवाल के साथ उक्त बाहरी ब्यक्तियों का कार्य करते हुए फोटो संलग्न है।
वर्तमान में उक्त बाहरी व्यक्ति में सें (कृष्ण कुमार व प्रमोद कंवर) समिति में रहकर बिना किसी प्रस्ताव व वैध दस्तावेज के प्रबंधक घनश्याम जायसवाल के संरक्षण में समिति में रहकर कार्यालयीन कार्य लगातार कर रहे है। जिसे क्षेत्र के किसान लगातार 1 वर्ष से देख रहे है उन्ही से खाद बीज प्राप्त कर रहे है। धान उपार्जन कार्य 205-26 के दौरान ठीक इसी प्रकार अनाधिकृत व्यक्तियों से कार्य लिया जा रहा था, जिस पर माननीय एसडीएम महोदय पाली ने प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल को कड़ी फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। (प्रतिलीपी संलग्न है) उसके बाद भी कार्यप्रणाली में कीसी प्रकार का सुधार किया जाना आवस्यक नही समझ कर लगातार वही रवैयें से समिति का कार्य संचालन मनमानी पुर्वक कर रहा है।
यह कि प्रभारी प्रबंधक कोरबी ने समिति के कर्मचारी विक्रेता रामस्वरूप जायसवाल को उनके सेवानिवृत होने के पश्चात भी नियमो के विपरित बिना उप पंजीयक कार्यालय व सक्षम अधिकारी के अनुमति से लगातार समिति में कार्य कराया है व वेतन भुगतान करते रहा है। जबकि समिति में पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध है। जो समिति प्रबंधक होते हुए घोर लापरवाही अनुशासहीनता है। जो कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
यह कि समिति के प्रभारी प्रबंधक घनश्याम जायसवाल ने वेतनमान मासिक आय के स्त्रोतो के अतिरिक्त असाधारण आय से अधिक सम्पत्ति की खरीद व एकत्रीकरण करके सहकारी समिति लोक सेवक होते हुए अपने स्वयं व परिवार सदस्यों के नाम पर किया है। जो भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है, जिसकी छ०ग० सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत विशेष जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच / निरिक्षण किया जावें। अथवा एंटी करप्सन ब्युरों / राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्युरों या राज्य सतर्कता आयोग का सहकारी सेवक की आय से अधिक सम्पत्ति जांच हेतु विभाग द्वारा पत्राचार किया जावें।
(आय छिपाने / भ्रष्टाचार) वित्तिय निष्ठा व सवैधानिक पारदर्शिता बनाए रखने हेतु प्रत्येक नये वित्तिय वर्ष में अपने व परिवार की चल व अचल सम्पत्ति की जानकारी कार्यरत विभाग को साझा करना आचरण दायित्य है। जिसका सेवा आचरण नियम का घनश्याम जायसवाल द्वारा हमेशा ही जानकारी नही देकर गंभीर कदाचार किया गया है जिस पर कार्यवाही करें।
यह कि इसी प्रकार बैंक पर्यवेक्षक श्री जमाल खान जिला सहकारी बैंक शाखा कोरबा व दिपका (हरदीबाजार) जिसमें कोरबा के 7 समिति व हरदीबाजार के 6 समिति के पर्यवेक्षण कार्य के साथ सहकारी समिति सोनपुरी का प्रबंधकीय प्रभार भी श्री जमाल खान के पास है। जिसमें इसी प्रकार की गंभीर वित्तिय अनियमितता उनके द्वारा की गई है। उनके समिति प्रबंधक व सभी सबंधित समितियों में पर्यवेक्षण कार्य से भ्रष्टाचार कर एकत्र की गई सम्पत्ति अपनें स्वयं एवं नजदीकी रिस्तेदार के नामो पर चल एवं अचल सम्पति के रूप मे रखी गई है। जिसकी जांच भ्रष्टाचार / आय से अधिक सम्पति से संबधित विभाग से करावें अथवा विशेष जांच टीम गठीत कर जांच की जावें। सहकारी समिति सोनपुरी की उनके सम्पुर्ण कार्यकाल की सम्पुर्ण जांच करने कई पर लाखों की गडबड़ी उजागर होगी।
यह कि दिनांक 03.09.2026 को समिति कोरबी से समिति प्रबंधक घनश्याम जायसवाल द्वारा शारदा इंटरप्राईजेस हरदीबाजार के वाहन में यूरिया खाद का अवैध परिवहन कर खाद का हेराफेरी किया गया जिसमें समिति क्षेत्र के कोई भी किसान खाद नही ले गए है जो ब्यक्ति खाद ले गए है वह कार्यक्षेत्र के बाहर हरदीबाजार के ब्यक्ति है जिससे खाद की कालाबाजारी प्रबंधक के मिली भगत से किया जाना स्पष्ट प्रतीत होता है जिसकी वाहन में खाद लोड होते फोटो संलग्न है। जिस पर यूरिया खाद के अनियमितता के तहत कड़ी कार्यवाही की जावे।


