छत्तीसगढ़/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (समाचार मित्र) मुश्किल परिस्थितियों में भी मरीज तक मदद पहुंचाने का दिखाते हुए मरवाही के 108 एंबुलेंस कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की। सकरे और कीचड़ भरे रास्ते के कारण एंबुलेंस जब मरीज के घर तक नहीं पहुंच सकी, तो कर्मियों ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक मरीज को स्ट्रेचर पर उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया और फिर अस्पताल में भर्ती कराया।
दुर्घटना के बाद बिगड़ी युवक की तबीयत
जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त की दोपहर ग्राम मड़वाही के तलवाटोला निवासी गोविंद सिंह पिता गेंदलाल गोंड, उम्र 26 वर्ष की अचानक तबीयत बिगड़ गई। करीब एक महीने पहले मोटरसाइकिल दुर्घटना में उसका कूल्हा टूट गया था और शरीर में गंभीर चोटें आई थीं। बिलासपुर में उपचार के बाद वह घर पर था।
शनिवार सुबह शरीर में खून की कमी और असहनीय दर्द के चलते उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने तत्काल डायल 108 पर संपर्क कर एंबुलेंस की मदद मांगी।
कीचड़ भरे रास्ते में नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस
सूचना मिलने पर ड्यूटी पर तैनात ईएमटी गणेश्वर प्रसाद और पायलट दयाशंकर तत्काल बताए गए स्थान के लिए रवाना हुए। हालांकि गांव का रास्ता बेहद सकरा और कीचड़ से भरा होने के कारण एंबुलेंस मरीज के घर तक नहीं पहुंच सकी।
डेढ़ किलोमीटर तक स्ट्रेचर उठाकर चले
स्थिति को देखते हुए दोनों एंबुलेंस कर्मियों ने हार नहीं मानी। परिजनों की मदद से मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया गया। इसके बाद कर्मियों ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलकर कीचड़ भरे रास्ते को पार किया और मरीज को एंबुलेंस तक पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया
एंबुलेंस कर्मियों ने अपने उच्च अधिकारी आर.के. गुप्ता को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उनके निर्देश पर मरीज को प्राथमिक उपचार दिया गया और इसके बाद सुरक्षित रूप से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल मरीज का उपचार जारी है।
जज्बे की हो रही सराहना
मुश्किल परिस्थितियों में मरीज तक पहुंचने और उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस के ईएमटी गणेश्वर प्रसाद और पायलट दयाशंकर के प्रयासों की क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कर्मियों का समर्पण आपातकालीन सेवाओं के प्रति भरोसा मजबूत करता है।

