छत्तीसगढ़/जांजगीर-चांपा (समाचार मित्र) शादीशुद महिला से प्रेम संबंध में मिलना एक आशिक़ को भारी पड़ गया। मिलने आए आशिक को रंगे हाथ महिला के भाई ने देख लिया और उसके बाद पिटाई शुरू कर दी।
जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव में युवक की हत्या के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय अमित भंडारी के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
शादीशुदा महिला से था प्रेम-प्रसंग
पुलिस के अनुसार, अमित भंडारी कोसा गांव का रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से प्रेम-प्रसंग था। संतोषी शादीशुदा है और पति से विवाद होने पर अक्सर अपने मायके आती थी। बताया गया कि इसके बावजूद अमित और संतोषी के बीच बातचीत होती रहती थी।
28 जून की दरमियानी रात दोनों के बीच देर रात तक फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद करीब 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।
भाई ने दोनों को देखा, फिर हुआ विवाद
इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा।
पुलिस के मुताबिक इसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई। इस दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया। इसके बाद जब अमित दीवार फांदकर वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, आरोप है कि बजरंग ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
शव छिपाने में बहन और बड़े भाई ने दिया साथ
पुलिस का आरोप है कि घटना के बाद अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी की झाड़ियों में छिपा दिया गया। संतोषी ने भी शव छिपाने में मदद की।
अगले दिन बजरंग का बड़ा भाई पप्पू सिंह गांव लौटा तो उसे घटना की जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया और उसके परिजनों के साथ थाने जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया में भी शामिल हुए।
बाद में मौका मिलने पर शव को दूसरी जगह ले जाकर रख दिया गया, ताकि हत्या का शक आरोपियों पर न जाए। 29 अगस्त को गांव की एक बाड़ी से अमित का शव बरामद हुआ।
ट्रैकर डॉग से मिला अहम सुराग
हत्या की जांच में बिलासपुर से ट्रैकर डॉग ‘विमला’ को बुलाया गया। जांच के दौरान डॉग आरोपियों के घर के आसपास पहुंचा और घर के सामने रुक गया। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घर की जांच की।
पुलिस के मुताबिक दीवार पर खून के धब्बे मिले। नमूनों की फोरेंसिक जांच में उनके मानव रक्त होने की बात सामने आई। इसके बाद तीनों से विस्तृत पूछताछ की गई।
तकनीकी साक्ष्यों की भी हुई जांच
पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS डेटा, CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार संदिग्धों से पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं के बाद घटनाक्रम सामने आया।
फावड़ा और लोहे की सीढ़ी जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और शव को दूसरी जगह पहुंचाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी जब्त की है।
मामले में संतोषी सिंह, बजरंग सिंह और पप्पू सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


