कोरबा (समाचार मित्र) धान की फसल तैयार होने के साथ ही कोरबा जिले में हाथियों की सक्रियता बढ़ गई है। वन क्षेत्रों से निकलकर हाथियों के झुंड लगातार खेतों का रुख कर रहे हैं। बीते 15 दिनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 200 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज के कलमीटिकरा क्षेत्र में धरमजयगढ़ की ओर से आया एक दंतैल हाथी पहुंचा है। यहां से हाथी बरपाली क्षेत्र में पहुंचा और एक किसान के खेत में लगी धान की फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया।
कई इलाकों में हाथियों की मौजूदगी
करतला रेंज के लबेद क्षेत्र में करीब 15 हाथियों का झुंड मौजूद बताया जा रहा है। वहीं कटघोरा वन मंडल के केंदई और पसान रेंज में करीब 50 हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों के लगातार खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों को अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल की चिंता सता रही है।
कोरबी क्षेत्र में घूम रहा एक दंतैल हाथी कई बार हाईवे तक पहुंच रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है। कुछ स्थानों पर हाथियों द्वारा मकानों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
फसल बचाने खेतों तक पहुंच रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों से फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। नुकसान के अनुपात में मुआवजा कम मिलने की शिकायत भी किसानों ने की है। हाथियों के डर से कई किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं, लेकिन फसल बचाने के लिए ग्रामीण समूह बनाकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास भी कर रहे हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के करीब नहीं जाने और उन्हें खदेड़ने की कोशिश नहीं करने की अपील की है, क्योंकि ऐसी स्थिति में हाथी आक्रामक हो सकते हैं और मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
पहाड़ियों में बना रहे ठिकाना
हाथियों ने अब जिले की छोटी पहाड़ियों को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लबेद, कुटेश्वर नगोई और कोरबी पहाड़ी क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी देखी जा रही है। वहीं कुदमुरा रेंज का कलमीटिकरा क्षेत्र हाथियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग बन गया है। धरमजयगढ़ की सीमा से जुड़े होने के कारण इस रास्ते से हाथियों का आना-जाना लगातार बना हुआ है।
रेंजर अभिषेक दुबे के अनुसार, हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। पसान क्षेत्र में मरवाही की ओर से पहुंचे हाथी फिलहाल सीमा क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

