कोरबा (समाचार मित्र) नेशनल हाईवे-149B के किनारे स्थित कृषि भूमि पर बिना वैध स्वीकृति के औद्योगिक राखड़ (Fly Ash) पाटने और बाउंड्रीवॉल निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत फरसवानी निवासी कृष्ण लाल सोनी ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में तत्काल प्रशासनिक तालाबंदी (सीलिंग) एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, फरसवानी में नेशनल हाईवे-149B (कोरबा-चांपा मुख्य मार्ग) के किनारे स्थित अंगीठी रेस्टोरेंट के पीछे की कृषि भूमि खसरा नंबर 1183/1, 1183/2 एवं 1184/4 से संबंधित भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 1183/1 की लगभग 0.41 डिसमिल कृषि भूमि का कथित फर्जी नामांतरण कर जमीन हड़पने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में
स्वामित्व का राजस्व प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा के न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि न्यायालयीन प्रकरण लंबित रहने के दौरान विवादित भूमि के स्वरूप में बदलाव करते हुए लगभग 80 डिसमिल कृषि भूमि की राजस्व सीमाओं को हटाकर संबंधित विभाग की अनुमति के बिना करीब 8 से 9 फीट ऊंची पक्की बाउंड्रीवॉल बनाई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाउंड्रीवॉल के अंदर लगभग 4 से 5 फीट गहरी औद्योगिक राखड़ (Fly Ash) डंप की गई है।

CECB से अनुमति नहीं लेने का आरोप
शिकायत में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में संबंधित कृषि भूमि पर राखड़ पाटने अथवा भंडारण के लिए किसी प्रकार का NOC या अनुमति जारी नहीं होने की बात सामने आई है।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की स्थल जांच, भूमि की राजस्व स्थिति की जांच, पर्यावरणीय नियमों के पालन की जांच तथा कथित अवैध राखड़ डंपिंग एवं निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर स्थल निरीक्षण और जांच कब शुरू करता है तथा जांच में लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं।
