कोरबा (समाचार मित्र) स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों, मरीजों और दोपहिया वाहन चालकों तक को इस बदहाल रास्ते से गुजरना पड़ता है। पाली विकासखंड के ढुकुपथरा–पंर्रापखना मार्ग पर करोड़ों की लागत से बना गाजर नदी का वृहद पुल तैयार है, लेकिन पुल से जुड़ा करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग आज भी कच्चा है। बारिश में यही रास्ता कीचड़, दलदल और फिसलन के कारण ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।सीमावर्ती क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग हजारों ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन का साधन है। जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाने वाले पाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सत्यनारायण पैकरा ने ग्रामीणों की इस समस्या को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने प्रशासन से अधूरे सड़क मार्ग का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।सत्यनारायण पैकरा का कहना है कि ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए प्रशासन तक आवाज पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलनात्मक तरीके से आवाज बुलंद की जाएगी।अब सवाल यही है—जब करोड़ों का पुल बन गया, तो डेढ़ किलोमीटर सड़क कब बनेगी?

