कोरबा (समाचार मित्र) निजी स्कूलों में महंगी किताबों और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने निजी स्कूलों की कथित मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने DEO को चेतावनी सह स्मरण पत्र सौंपते हुए कहा कि कई निजी स्कूलों में NCERT की मानक पुस्तकों के बजाय महंगे निजी प्रकाशकों की किताबें लेने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी ने इसे लेकर शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक, 22 जून को दिए गए ज्ञापन के बाद 22 जुलाई को जांच समिति गठित कर सात दिनों में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। पार्टी ने अब सात दिनों का अंतिम समय देते हुए जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने और नियम विरुद्ध पाए जाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर DEO कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी गई है। इस दौरान जिला सचिव महावीर यादव, संगठन मंत्री सुरेश पटेल एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी मौजूद रहे।

