नई दिल्ली (समाचार मित्र) नई दिल्ली NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। केंद्र ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है। सरकार ने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट की विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। केंद्र की ओर से कहा गया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने के लिए आवेदन दाखिल किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
गंभीर अपराधों वाले मामलों में राहत नहीं
पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र ने संकेत दिया था कि गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी लोगों को इस राहत से अलग रखा जा सकता है। करीब 2,873 लोगों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया था, जबकि अन्य छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने पर विचार किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी संकेत दिया था कि वह अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल कर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का रास्ता तलाश सकता है। अब केंद्र की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।

