Author: Hemant Kumar Kaiwart

नई दिल्ली (समाचार मित्र) दहेज उत्पीड़न और दहेज के कारण होने वाली मौत के मुकदमे अब सालों-साल लंबित नहीं रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की निचली अदालतों को इन मामलों की तेज सुनवाई का निर्देश दिया है. कोर्ट ने यह तक कहा है कि अगर आरोपी का वकील बार-बार सुनवाई टालने की कोशिश करता है तो किसी दूसरे वकील को एमिकस क्यूरी नियुक्त कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए यह आदेश जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दिया है. जजों ने कहा है कि आईपीसी की धारा 304-बी (दहेज मृत्यु) और 498-ए (दहेज उत्पीड़न)…

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