नई दिल्ली (समाचार मित्र) केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने ST/SC वर्ग के लोगों को राहत देते हुए गंभीर बीमारियों में उपचार के लिए उन्हें दी जाने वाली आर्थिक मदद के दायरे में बढ़ोतरी की है, जिसमें अब पांच लाख तक की सालाना आय वाले एससी- एसटी परिवार भी इस मदद के पात्र होंंगे।
अब तक यह मदद सिर्फ तीन लाख की सालाना आय वाले एससी-एसटी परिवारों को दी जाती थी। इसके साथ ही हार्ट, ब्रेन व स्पाइन सर्जरी, कैंसर और अन्य घातक बीमारियों के उपचार के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।
एससी-एसटी वर्ग पिछले कई सालों से इस बढ़ोतरी की मांग कर रहा था। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब जैसे राज्यों में चुनाव के बीच यह बढ़ोत्तरी राजनीतिक रंग भी ले सकता है।
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन काम करने वाले डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन ने एससी-एसटी परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार में मदद के लिए चलायी जाने वाली डॉ. आंबेडकर मेडिकल सहायता योजना में 2018 के बाद अब यह बदलाव किया है।
यह राशि गंभीर बीमारियों से पीड़ित एससी व एसटी परिवारों को उपचार के लिए दी जाती है। जो स्कीम के तहत सूचीबद्ध एम्स सहित सभी सरकारी व सीजीएचएस पैनल से संबद्ध अस्पतालों की सीधे दी जाती है। इसके लिए एससी-एसटी परिवारों को सर्जरी से कम से कम पंद्रह दिन पहले आवेदन करना होता है।
गौरतलब है कि इससे पहले 2018 में जब इस स्कीम में बदलाव किया गया था, उस समय आर्थिक मदद का यह दायरा ढाई लाख तक सालाना आय का था।
इस स्कीम के तहत जिन बीमारियों पर मदद दी जाती है, उनमें हार्ट, ब्रेन, स्पाइन सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर, किडनी सर्जरी, डायलिसिस या अन्य गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है।

