विकसित भारत के लिए नशामुक्त समाज जरूरी : गोस्वामी
निरंजन केशरवानी कॉलेज कोटा में नशा मुक्त युवा संवाद एवं युवा मेले का आयोजन।
कोटा (समाचार मित्र) शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय कोटा में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” विषय पर युवा संवाद एवं युवा मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में युवा संवाद, विशेषज्ञ व्याख्यान, राष्ट्रीय संकल्प, युवा शपथ और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कोटा विकासखंड के विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों के स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक, कविता, गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नरेंद्र बाबा गोस्वामी ने कहा कि नशा युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहने की अपील की।
प्राचार्य डॉ. सपना पवार ने कहा कि नशामुक्त समाज के लिए जागरूकता जरूरी है और युवाओं को अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग खेल, शिक्षा और सामाजिक सेवा में करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनोज सिन्हा ने कहा कि नशे की चुनौती का सामना सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से किया जा सकता है। जिला संगठक शितेष जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 100 सप्ताह के ‘विकसित भारत फॉर नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। देशभर के 200 संस्थानों में से बिलासपुर जिले से कोटा महाविद्यालय का चयन गौरव की बात है।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. अमित दुबे ने नशे से होने वाले रोगों की जानकारी दी। कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार साव और रेडक्रॉस नोडल अधिकारी डॉ. संजू पांडेय ने भी युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया।
इस अवसर पर जनभागीदारी समिति सदस्य नेम सोनी, कार्यक्रम अधिकारी निर्मला बंजारे, कुमार गौरव गुप्ता, मो. मुर्सलीन खान, सूरज सोनकर सहित प्राध्यापक, कर्मचारी और एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। संचालन डॉ. जे.के. द्विवेदी ने किया और आभार आनंद कुमार साव ने व्यक्त किया।


