कोरबा (समाचार मित्र) तपेदिक के खिलाफ जंग अब अस्पतालों से निकलकर युवाओं के हाथों में भी पहुंच रही है। कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में एमडीपी कॉलेज और जी.बी. कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लेकर ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं अधिकारियों ने युवाओं को टीबी के शुरुआती लक्षणों, संक्रमण से बचाव, जांच एवं नियमित उपचार की अहमियत के साथ ‘निक्षय मित्र’ योजना की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान और पूरा उपचार टीबी की रोकथाम में निर्णायक भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें ‘जागरूकता के दूत’ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। वे गांवों और समुदायों में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने, मरीजों को उपचार के लिए प्रेरित करने तथा बीमारी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियां दूर करने में सहयोग करेंगे। दोनों कॉलेजों के प्राध्यापकों की उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

