छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) प्रदेश के एक नामी कर्मचारी रहे व्यक्ति के घर ED ने छापा मारा है। आरोप है कि CGPSC के जरिए बेटा नायब तहसीलदार बन गया, एक बेटी उप पंजीयक बन गई, दो बेटे पटवारी के पद पर पदस्थ हैं। प्रदेश पटवारी संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व रिटायर पटवारी क प्रशासनिक और सियासी रसूख देखिए। सीजीपीएससी के जरिए बेटा नायब तहसीलदार बन गया, एक बेटी उप पंजीयक बन गई, दो बेटे पटवारी के पद पर पदस्थ हैं। मंगलवार को डडी ने छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के पूर्व अध्यक्ष कमलेश राजपूत के सिकोला भाठा (बंगाली कॉलोनी, दर्ग निवास पर छापमार कार्रवाई की। सीजीपीएससी में गडबडी को लेकर जांच की जा रही है।
ईडी की टीम सूबह सूबह करीब 6 बजे कमलेश के घर पहंची थी। जानकारी के मुताबिक कमलेश छत्तीसगढ पटवारी संघ के लगभग 15 वर्षों तक प्रांताध्यक्ष पद पर रहे। रडडी CGPSC भर्ती प्रक्रियाओं 2020-2022 में मेरिट को दरकिनार कर प्रशार्सनिक व राजनीतिक रसूख के दम पर बैकडोर या संदिग्ध चयन कराने के एंगल की बारीकी से पडताल कर रही है।
जानकारी के मृताबिक सेवानिवत्त पटवारी के बेदे योगेश सिंह राजपूत का चयन सीधे नायब तहसलदार पद पर हआ है। वर्तमान में योगेश की पोस्टिंग दर्ग के धमधा ब्लॉक में है। बेटी दीपार्ल राजपूत उप-पंजीयक रायगढ़ के पद पर पदस्थ है। दूसरी बेटी स्वप्निल सिंह राजपूत अहिवारा तहसील में पटवारी के पद पर कार्यरत है और तीसरी बेटी निवेदिता राजपूत उरला में पटवारी पद पर पदस्थ है। बताया जाता है निवेदिता राजपूत करोब 1 साल से यहीं पटवारी के पद पर पदस्थ हैं।

