नई दिल्ली (समचार मित्र) नई दिल्ली EVM से मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ‘टोटलाइजर’ मशीन लागू करने की संभावना पर विचार करने को कहा है। अदालत ने केंद्र से यह भी जानना चाहा कि इसके लागू होने में क्या कानूनी या व्यावहारिक अड़चनें हैं और इससे कोई नकारात्मक प्रभाव तो नहीं पड़ेगा।
क्या है टोटलाइजर मशीन?
टोटलाइजर का उद्देश्य कई मतदान केंद्रों की EVM के वोटों को एक साथ मिलाकर गिनना है। इससे किसी एक बूथ पर किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले, इसका स्पष्ट पैटर्न सामने नहीं आएगा। इससे मतदाताओं की निजता बनाए रखने और चुनाव के बाद संभावित दबाव या उत्पीड़न से बचाने में मदद मिल सकती है।
केंद्र से मांगा जवाब
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से चुनाव संचालन नियमों में जरूरी बदलाव की संभावना पर भी विचार करने को कहा है। अदालत ने चुनाव आयोग से भी इस संबंध में अपना प्रस्ताव केंद्र के सामने रखने को कहा है।
अभी लागू नहीं हुआ है टोटलाइजर
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल टोटलाइजर लागू करने का सीधा आदेश नहीं दिया है। अदालत केंद्र सरकार का पक्ष और मौजूदा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को जानना चाहती है। चुनाव आयोग ने इसके इस्तेमाल को लेकर व्यावहारिक और नियामकीय चुनौतियों का उल्लेख किया है।
टोटलाइजर लागू होने की स्थिति में यह EVM की जगह लेने वाली मशीन नहीं, बल्कि कई EVM के वोटों को समेकित रूप से गिनने की प्रस्तावित व्यवस्था होगी।

