कोरबा/बालको (समाचार मित्र) जिले के 33/11 केवी सब-स्टेशनों में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बालको सब-स्टेशन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लाइन सुधारने पहुंचे कर्मचारियों के आसपास एक जहरीला सांप दिखाई देता है। कर्मचारियों की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया।
ट्रांसफॉर्मर के आसपास घनी झाड़ियां, बढ़ा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा
बताया जा रहा है कि बालको सब-स्टेशन के यार्ड में ट्रांसफॉर्मर समेत विद्युत उपकरणों के आसपास घनी झाड़ियां और जंगलनुमा स्थिति बनी हुई है। बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर सांप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की आशंका बढ़ जाती है। सब-स्टेशन में ऑपरेटरों और तकनीकी कर्मचारियों को कई जरूरी कार्यों के लिए यार्ड में जाना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
सब-स्टेशन ऑपरेटर के अनुसार, यार्ड में अलग-अलग प्रजातियों के सांप दिखाई देते हैं। बारिश शुरू होने से पहले ही सफाई कराने के लिए संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों को जानकारी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
जिले के करीब 60 सब-स्टेशनों की सफाई का एक ही ठेका
जानकारी के मुताबिक जिले में करीब 60 सब-स्टेशन हैं और इनकी साफ-सफाई का ठेका एक ही एजेंसी को दिया गया है। ठेकेदार को निर्धारित अंतराल पर सब-स्टेशनों की सफाई करनी होती है। अधिकारियों की ओर से 33/11 केवी सब-स्टेशनों में नियमित सफाई और ठेका कर्मचारियों को ESIC जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले नियमित रूप से सफाई और झाड़ियों की कटाई कराई जाती, तो सब-स्टेशन परिसर में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
अधिकारी बोले—2-3 दिन में होगी सफाई
इस मामले में अधीक्षण अभियंता जे. कुमार सोनकर ने बताया कि बारिश के कारण कुछ स्थानों पर नियमित सफाई प्रभावित हुई है। जहां आवश्यकता है, वहां काम कराया जा रहा है। बालको सब-स्टेशन की स्थिति भी संज्ञान में आई है और 2-3 दिन में सफाई करा दी जाएगी।
कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
सब-स्टेशन में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बिजली के उच्च जोखिम के साथ-साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी चिंता का विषय है। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी कर्मचारी की जान जोखिम में न पड़े।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और ठेका एजेंसी बालको सहित जिले के अन्य सब-स्टेशनों में सफाई व्यवस्था को कितनी गंभीरता से लेती है और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

