बिलासपुर (समाचार मित्र) पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के व्यावसायिक ज्ञान और विवेचना क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में रक्षित आरक्षी केंद्र, चेतना हॉल बिलासपुर में तीन दिवसीय रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण के प्रथम बैच में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के 150 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
एसएसपी रजनेश सिंह ने किया शुभारंभ
प्रशिक्षण का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में निरंतर बदलाव और नए कानूनों के साथ समय-समय पर प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इससे फील्ड में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयाँ दूर होंगी और पुलिसिंग अधिक प्रभावी बनेगी।
आउटडोर और इनडोर प्रशिक्षण
आउटडोर सत्र में जवानों को पीटी-परेड, शस्त्र प्रशिक्षण और बलवा ड्रिल का अभ्यास कराया गया। वहीं इनडोर सत्र में नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया, ताकि विवेचना में किसी प्रकार की शंका न रहे।
इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, CCTNS, और FSL की भूमिका पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था की स्वाति दीदी द्वारा तनाव प्रबंधन, योग और फिजियोथेरेपी का विशेष सत्र लिया गया।
आईजी ने लिया समापन सत्र, बीट सिस्टम पर दिया जोर
समापन सत्र में आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद किया और विवेचना से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने बीट सिस्टम की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि प्रभावी बीट पुलिसिंग ही अपराधों की रोकथाम का सबसे सशक्त माध्यम है।
ज्वेलरी शॉप लूट की घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि बीट से मिली जानकारी और समन्वित प्रयास से ही पुलिस ने 2 दिन में आरोपियों की पहचान कर ली थी। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग को भी कानून-व्यवस्था के लिए अहम बताया।
अंत में सभी 150 प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।



