कोरबा/कटघोरा (समाचार मित्र) बूढ़ादेव कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, कटघोरा, जिला-कोरबा में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस समारोह उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रोफेसर प्यारेलाल आदिले के संरक्षण में किया गया। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में नवीन शासकीय महाविद्यालय बेलतरा, जिला-बिलासपुर के सहायक प्राध्यापक हिंदी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शिवदयाल पटेल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत “उठें समाज के लिए उठें, उठे” तथा छत्तीसगढ़ के राजगीत “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार” का सामूहिक गायन किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत रासेयो बैज एवं बुके भेंट कर किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. शिवदयाल पटेल ने राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना के उद्देश्य, इतिहास, रासेयो के प्रतीक चिन्ह, स्वयंसेवकों के कर्तव्यों तथा व्यक्तित्व विकास में रासेयो की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने या शिविरों तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का शुभारंभ 24 सितम्बर 1969 को किया गया था और इसकी मूल भावना “मैं नहीं, आप” है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक को अपने व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज, गांव, पर्यावरण और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझना चाहिए। रासेयो का बैज केवल पहचान का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। स्वयंसेवकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सम्मान, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान, विधिक जागरूकता और सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रासेयो के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, संवाद कौशल, टीम भावना, निर्णय क्षमता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि “रासेयो का शिविर कुछ दिनों का हो सकता है, लेकिन रासेयो की भावना पूरे जीवन की होनी चाहिए।” इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवकों को “बदलेंगे तस्वीर गांव की, हम एन.एस.एस. के नवजवान” गीत का सस्वर अभ्यास भी कराया।
रेडक्रॉस सोसाइटी कोरबा से जुड़े सैय्यद जाफर अली ने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और संविधान की भावना को समझते हुए समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। अधिकार मित्र, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदस्य एवं रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़े अहमद खान ने कहा कि विधिक जागरूकता भी सामाजिक सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और रासेयो स्वयंसेवक लोगों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक कर सकते हैं। स्मार्ट टूर ट्रैवल्स के संचालक मो. गौस आलम ने विद्यार्थियों से अनुशासन, सकारात्मक सोच और समय के सदुपयोग को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
प्रो. चंद्रशेखर रात्रे ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ती है। सेवा कार्यों के माध्यम से विद्यार्थी समाज को कुछ देने के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से महाविद्यालय के साथ-साथ अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में भी सेवा गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया।
पुरुष इकाई के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. रियाज खान ने कहा कि रासेयो स्वयंसेवकों में सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता ही किसी भी रासेयो गतिविधि की सफलता का आधार है। महिला इकाई की कार्यक्रम अधिकारी प्रो. ताहिरा बेगम ने कहा कि रासेयो के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्राएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रभावी वाहक बन सकती हैं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ शिवदयाल पटेल का अभिनंदन पत्र, मोमेन्टो से सम्मान किया गया।
समारोह को सफल बनाने में रासेयो स्वयंसेवकों सोनिया यादव, रामेश्वरी, खुशबू, याचना, रुचि, सोनिका, प्रभा सिंह, लक्ष्मी देवी, अंशु, दिव्या, सरिता, पूनम कैवर्त, सोनिया, रमेश्वरी, धनेश्वरी, पुष्पा, कांति, रागिनी, प्रमिला, कविता, नीतू, अनिता, ज्योति बियार, अंजली सोनवानी, माधुरी सरोवर, अंकिता कंवर, सृष्टि कोराम, स्मिता आर्मी, उमा यादव, निरसिया, ममता मरकाम, वेदमती मरावी, रवीना सिंह, पायल, महेश्वरी, निर्मला, किरण, रोशनी केंवट, अनुपमा, वर्षा महंत, कुसुमलता, रीना एवं सीनियर स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व स्वयंसेवक कु. करीना जायसवाल, कु. काजल यादव एवं कृति जायसवाल भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में प्रो. आर. जी. यादव, प्रो. चंद्रकली, प्रो. जीलता, प्रो. निधि, प्रो. खुशनुमा एवं महाविद्यालयीय तृतीय श्रेणी कर्मचारी श्री दुर्गेश महिपाल, सुनील जायसवाल, माधुरी जायसवाल, धर्मेंद्र सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में रासेयो स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।


