जांजगीर-चांपा (समाचार मित्र) विकासखंड बलौदा अंतर्गत ग्राम पहरिया में संचालित एनोश इंग्लिश मीडियम स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यव्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता किशन बघेल ने स्कूल से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को लेकर शिकायत प्रस्तुत करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए आवेदन में स्कूल की व्यवस्था एवं उससे जुड़े अलग-अलग विषयों की जांच किए जाने की मांग की गई है। शिकायत में कई बिंदुओं को शामिल करते हुए संबंधित दस्तावेजों, स्कूल की वास्तविक स्थिति तथा विभागीय नियमों के अनुरूप व्यवस्थाओं की जांच करने की मांग की गई है।
शिकायत सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर विभाग द्वारा नियमानुसार जांच की जाती है, तो स्कूल की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
कई बिंदुओं पर जांच की मांग
शिकायतकर्ता किशन बघेल ने स्कूल से संबंधित कई बिंदुओं की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा मौके पर जाकर स्कूल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए तथा आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। शिकायत में उठाए गए प्रत्येक बिंदु की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति सामने आने की बात कही गई है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नजर
मामला सामने आने के बाद अब निगाहें विकासखंड शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं। शिकायत पर विभाग द्वारा क्या कदम उठाया जाता है, क्या जांच टीम गठित की जाती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी संस्थान को लेकर शिकायत सामने आने पर विभाग की जिम्मेदारी होती है कि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की नियमानुसार जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करे। ऐसे में अब देखना होगा कि एनोश इंग्लिश मीडियम स्कूल पहारीया की शिकायत पर शिक्षा विभाग कब तक जांच शुरू करता है।
जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक तस्वीर
फिलहाल शिकायत में लगाए गए बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय विभागीय जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि जांच होती है तो स्कूल की व्यवस्थाओं, दस्तावेजों और शिकायत में उल्लेखित अन्य बिंदुओं की वास्तविक स्थिति सामने आने की संभावना है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि शिकायत पर विभाग कार्रवाई करता है या मामला सिर्फ आवेदन और कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह जाता है। क्षेत्र के लोगों की भी नजर अब शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।



