अस्पताल में अचानक पहुंचे जनप्रतिनिधि, खुली व्यवस्थाओं की परतें! एक्स-रे बंद, ब्लड बैंक की मशीन बेकार, डॉक्टरों की मौजूदगी पर भी सवाल।
करगीरोड कोटा (समाचार मित्र) मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करगीरोड-कोटा की व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से मिल रही शिकायतों ने गुरुवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब स्थानीय भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने संयुक्त रूप से अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों के अचानक पहुंचते ही अस्पताल की व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल शुरू हुई और कई कमियां सामने आने का दावा किया गया।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले एक्स-रे मशीन के बंद होने का मामला सामने आया। बताया गया कि मशीन पिछले करीब एक सप्ताह से बंद पड़ी है। वहीं ब्लड बैंक की मशीन का अर्थिंग कनेक्शन करीब दो वर्षों से खराब होने की शिकायत भी सामने आई। ऐसे में मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हुए।
कागजों में 11 डॉक्टर, मौके पर कितने?

निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। जनप्रतिनिधियों के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन प्रतिदिन करीब तीन डॉक्टरों के ही ड्यूटी पर आने की शिकायत है। निरीक्षण के दिन भी केवल चार डॉक्टरों के उपस्थित होने की बात कही गई। वहीं बीएमओ के भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने की जानकारी दी गई।
अस्पताल परिसर में मरीजों के लिए रखे बेड भी अस्त-व्यस्त अवस्था में पाए जाने की बात सामने आई। वहीं अटैक बाथरूम के दरवाजे पर कई महीनों से ताला लगे होने की शिकायत ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक और सवाल खड़ा कर दिया।
मौके से स्वास्थ्य मंत्री को फोन, अब सीएचएमओ करेंगे निरीक्षण !
निरीक्षण के दौरान कोटा के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पार्षद वेंकट लाल अग्रवाल ने अस्पताल परिसर से ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मोबाइल पर चर्चा की। उन्होंने मंत्री को मौके की स्थिति और सामने आई कमियों से अवगत कराया।
बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएचएमओ बिलासपुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कमियों को तत्काल दूर कराने का आश्वासन दिया गया।
औचक निरीक्षण के दौरान पार्षद जब्बार खान, उत्तम प्रजापति, अनिल साहू, देवेंद्र कौशिक, पार्वती योगेंद्र साहू तथा एल्डरमैन नंदलाल छत्री , कांग्रेस नेता प्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अब देखना यह होगा कि जनप्रतिनिधियों के औचक निरीक्षण के बाद सामने आई इन शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग की जांच क्या तस्वीर सामने लाती है और अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।


