जांजगीर-चांपा (समाचार मित्र) जिले में कई पैथोलॉजी लैब के बिना वैध लाइसेंस अथवा आवश्यक अनुमति के संचालन किए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। यदि यह मामला सही है तो यह मरीजों की जांच और स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कुछ पैथोलैब की वैधता और दस्तावेजों की जांच लंबे समय से नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि संबंधित स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन संस्थानों की नियमित जांच और लाइसेंस की स्थिति का सत्यापन क्यों नहीं किया जा रहा है।
वहीं, सीएमएचओ कार्यालय के लाइसेंस शाखा में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों द्वारा अनौपचारिक रूप से यह आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ मामलों में कथित लेन-देन के चलते कार्रवाई नहीं होती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग जिले में संचालित पैथोलैब की लाइसेंस, पंजीयन और तकनीकी मानकों की जांच के लिए क्या कार्रवाई करता है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना चाहिए।


