कोरबा (समाचार मित्र) नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पताढ़ी स्थित संतोष फ्यूल्स के पास बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार स्कार्पियो क्रमांक CG12 AS 0104 ने सड़क पर बैठी दो गायों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक गर्भवती गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गाय गंभीर रूप से घायल हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तिलकेजा निवासी मुकेश कुजूर कथित तौर पर स्कार्पियो चला रहे थे। बताया गया कि वाहन की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक सड़क पर बैठी गायों को समय रहते नहीं बचा सका। हादसे के बाद गायें वाहन के नीचे फंस गईं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि नेशनल हाईवे पर आए दिन मवेशियों और तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नजर नहीं आ रहे हैं।
लगातार हादसों से उठ रहे गंभीर सवाल
कोरबा में मवेशियों के सड़क पर आने और वाहनों की चपेट में आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बुधवार शाम ही सर्वमंगला-कनबेरी मार्ग पर भारी वाहन की चपेट में आने से दो मवेशियों की मौत की बात सामने आई। कुछ दिन पहले इसी मार्ग पर मवेशियों से टकराकर एक राहगीर के गंभीर रूप से घायल होने की घटना भी हुई थी।
वहीं, कुछ समय पहले दर्री रोड पर अज्ञात वाहन की चपेट में नौ मवेशियों के कुचलने की घटना ने भी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को महज अलग-अलग सड़क हादसे मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाईवे और प्रमुख सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी अब सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
आखिर जवाबदेही किसकी ?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन लगातार हो रहे हादसों की जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी? वाहन चालकों की लापरवाही के साथ-साथ हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सड़क पर मवेशियों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी और स्थायी कदम उठाए जाएं तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। एक गर्भवती बेजुबान गाय की मौत ने एक बार फिर व्यवस्था की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों ने कथित लापरवाह चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई, घायल गाय के समुचित उपचार तथा नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था की मांग की है।

