कोरबा (समाचार मित्र) दूसरों को शिष्टाचार का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ही अगर शिष्टाचार भूल जाए तो क्या होगा ? कोरबा जिले में स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आयोजित समारोह में गांव के जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुर में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पूरे देश के लिए गौरव और सम्मान का पर्व है। ऐसे अवसर पर गांव के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों जैसे जनपद सदस्य, सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिकों एवं समाज के अन्य सम्मानित लोगों को समारोह में आमंत्रित करना सामाजिक सौहार्द और परंपरा का हिस्सा माना जाता है। लेकिन विद्यालय प्रबंधन द्वारा इन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने से ग्रामीणों में असंतोष उत्पन्न हुआ है।
ग्राम पंचायत रामपुर में आए दिन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से असंतोष का माहौल बढ़ पनप रहा है। जनपद सदस्य सूरज नंदे ने भी पंचायत में जनपद सदस्य की उपेक्षा कर आमंत्रण नहीं भिजवाने का आरोप लगाया है। इस तरह पंचायत कार्यों में मनमानी से ग्रामीणों में रोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने इसे कदाचार एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बताते हुए नाराजगी जताई है और प्राचार्य सहित विद्यालयीन स्टॉफ को जमकर फटकार लगाई है। उनका कहना है कि विद्यालय और गांव के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए तथा राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक अटल दीक्षित, विवेका नंदे, अशरफ खान, सहित कई
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेते हुए विद्यालय प्रबंधन से मामले में स्पष्टीकरण लेने तथा भविष्य में स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।















































































































































