बोर खनन और पाइप फिटिंग के नाम पर राशि निकासी का आरोप, जमीनी हकीकत में काम अधूरा या नदारद होने का दावा; बिना अहाता के जर्जर स्कूल भवन से भी परेशान शिक्षक और बच्चे !
कोरबा (समाचार मित्र) जनपद पंचायत कोरबा क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत में शासकीय राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत धनगांव स्थित मध्यमिक शाला परिसर में पेयजल व्यवस्था के लिए सत्र 2024-25 में 15वें वित्त आयोग की राशि से बोर खनन एवं पाइप फिटिंग के नाम पर करीब 1.50 लाख रुपये की राशि खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों और स्कूल से जुड़े लोगों का आरोप है कि राशि खर्च होने के बावजूद मौके पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।

पेयजल व्यवस्था के लिए राशि खर्च किए जाने के बावजूद स्कूल के छात्र आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों को स्कूल परिसर में उपलब्ध नल से दूषित पानी पीने की मजबूरी बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बोर खनन और पाइप फिटिंग के नाम पर सरकारी राशि खर्च की गई, तो उसका वास्तविक लाभ स्कूल के बच्चों तक क्यों नहीं पहुंच पाया?
कागजों में काम, जमीन पर नहीं दिख रहा असर?
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक पेयजल व्यवस्था के नाम पर राशि खर्च की गई है, लेकिन मौके की स्थिति अलग तस्वीर पेश कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वास्तव में बोर खनन और पाइपलाइन से संबंधित कोई कार्य नहीं कराया गया है, यदि ऐसा होता तो छात्रों को इसका लाभ मिल रहा होता।
जर्जर स्कूल भवन भी बना परेशानी का कारण !
पेयजल की समस्या के साथ-साथ माध्यमिक शाला धनगांव के भवन की स्थिति भी चिंता का विषय बताई जा रही है। स्कूल भवन के जर्जर होने के कारण शिक्षक और विद्यार्थियों को रोजमर्रा की पढ़ाई के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में मौसम में मजबूरी में प्लास्टिक ढककर स्कूल की छत को रखा गया है ताकि पानी सीपेज से स्कूल के भीतर पानी न आए। स्कूल में एक ओर जहां बच्चे साफ पानी के लिए जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जर्जर भवन में शिक्षा व्यवस्था संचालित होने से उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से स्कूल परिसर में आजतक अहाता निर्माण भी कराया जा सका है। स्कूली बच्चों ने बताया कि कई बार मवेशी स्कूल अंदर घुसकर बच्चों को नुकसान पहुंचा चुके है।
सरपंच से पक्ष जानने का प्रयास, नहीं हो सका संपर्क !
समाचार मित्र की टीम ने मामले में ग्राम पंचायत धनगांव के सरपंच पर आरोपों के सम्बन्ध में उनका का पक्ष जानने के लिए निवास पर पहुंचकर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे घर पर मौजूद नहीं मिले। वहीं उनका मोबाइल फोन भी बंद बताया गया। इसके चलते मामले में सरपंच का पक्ष सामने नहीं आ सका। सरपंच का पक्ष सामने आने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि पेयजल व्यवस्था के नाम पर खर्च की गई डेढ़ लाख रुपये की राशि केवल कागज़ों में प्रदर्शित हो रहा है जबकि वास्तविक उपयोग कहां और किस प्रकार हुआ इसकी जानकारी न तो ग्रामीणों को है और न विद्यालय प्रबंधन को। क्या सच में मौके पर कोई बोर खनन एवं पाइप फिटिंग का कार्य हुआ था? फिलहाल प्रधानपाठक श्री साहू के अनुसार उनके परिसर में तो कोई बोर खनन या पाइप फिटिंग आदि कार्य वर्तमान में नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच, कार्य का भौतिक सत्यापन और सरकारी राशि के उपयोग की जांच की आवश्यकता है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में वास्तव में अनियमितता हुई है या नहीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?


