कोरबा (समाचार मित्र) धान खरीदी का समय अब नजदीक आ रहा है। धान खरीदी का नया सीजन शुरू होने में महज दो महीने का समय ही बाकी है, लेकिन जिले की सहकारी समितियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। पिछली धान खरीदी का कमीशन अब तक समितियों के खातों में नहीं पहुंचा है।
कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन !
समितियों को कर्मचारियों का वेतन देने से लेकर कार्यालयीन और खरीदी संबंधी तैयारियों का खर्च उठाने में परेशानी हो रही है। समितियों का कहना है कि शासन की ओर से धान खरीदी के लिए 31 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन पिछली खरीदी की राशि अब तक नहीं मिलने से उनकी आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिले में 60 सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीदी की जानी है।
15 नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी, राशि अटकने के कारण समितियों के सामने कर्मचारियों के वेतन का संकट !
राज्य में 15 नवम्बर से धान खरीदी की शुरुआत हो जाएगी। 19 सहकारी समितियां में कुछ नई समितियों के अस्तित्व में आने के बाद किसानों को धान बेचने के लिए दूर स्थित खरीदी केंद्रों तक जाने की परेशानी कम होने की उम्मीद है। वहीं कई समितियां हाथी प्रभावित क्षेत्रों में भी संचालित हैं जहां किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर खरीदी केंद्र उपलब्ध होना महत्वपर्ण है। समितियों की ओर से. बताया गया कि पिछली धान खरीदी का काम अप्रैल माह में पूरा हो चुका है, लेकिन कमीशन की राशि अभी तक नहीं मिली है। खरीदी पूरी होने के बाद समिति के कर्मचारियों और अन्य खर्चों का भुगतान कमीशन की राशि से ही किया जाता है। राशि अटकने के कारण समितियों के सामने कर्मचारियों के वेतन का संकट भी खडा हो गया है । समितियों से जुड़े लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर कर्मचारियों को वेतन देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


