विधायक भी नहीं बच पाए साइबर ठगों से और पार्सल कॉल के बाद हैक हुआ मोबाइल, WhatsApp से कई लोगों से मांगे 76 हजार !
छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ के एक विधायक के मोबाइल पर पार्सल से संबंधित एक फोन कॉल आया था। इसके बाद उनके मोबाइल के हैक होने की बात सामने आई। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एक APK फाइल खोलने के बाद मोबाइल पर साइबर ठगों का नियंत्रण हुआ, हालांकि इसकी तकनीकी पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामला कोरबा जिले के पाली – तानाखार विधायक साइबर ठगी के शिकार !

जिले के पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम का मोबाइल फोन हैक होने का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल और WhatsApp का इस्तेमाल कर परिचितों, कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों से 76 हजार रुपये की मांग वाले मैसेज भेजे। मामले की जानकारी सामने आते ही विधायक ने लोगों को सतर्क किया। पुलिस ने साइबर एंगल से जांच शुरू कर दी है।
पार्सल से जुड़े कॉल के बाद सामने आया मामला !
जानकारी के अनुसार, विधायक के मोबाइल पर पार्सल से संबंधित एक फोन कॉल आया था। इसके बाद उनके मोबाइल के हैक होने की बात सामने आई। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एक APK फाइल खोलने के बाद मोबाइल पर साइबर ठगों का नियंत्रण हुआ, हालांकि इसकी तकनीकी पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मोबाइल हैक होने के बाद उनके WhatsApp नंबर से संपर्कों को मैसेज भेजे गए। इन संदेशों में तत्काल पैसों की जरूरत बताकर ₹76,000 भेजने की मांग की गई। कुछ लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने विधायक से सीधे संपर्क किया, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
⚠️ विधायक ने लोगों को किया अलर्ट !
मामले की जानकारी मिलते ही विधायक मरकाम ने अपने शुभचिंतकों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सावधान किया। उन्होंने कहा कि उनके नंबर से यदि पैसे मांगने का कोई मैसेज या WhatsApp संदेश आता है तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी स्थिति में बिना पुष्टि के रकम ट्रांसफर न करें।
साइबर सेल कर रही जांच !
विधायक ने मोबाइल हैक होने की जानकारी पुलिस को दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मामला साइबर सेल को भेजा गया है और पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोबाइल/WhatsApp तक साइबर अपराधियों की पहुंच किस माध्यम से हुई और इसके पीछे कौन लोग हैं।
आम लोगों के लिए भी बड़ा सबक !
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग पार्सल, KYC, बैंक, पुलिस या अन्य बहानों से किए गए कॉल के जरिए लोगों को निशाना बना सकते हैं। किसी परिचित के नंबर से अचानक पैसे मांगने का संदेश आए तो भी पहले सीधे फोन कर पुष्टि करना जरूरी है। अनजान APK फाइल, लिंक या संदिग्ध ऐप को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल करने से बचना चाहिए।


