प्रवेश की आखिरी तारीख पर टीसीएल महाविद्यालय में उमड़ी भीड़, शुल्क जमा करने के लिए छात्रों की लंबी कतार !
एक ही शुल्क शाखा और सीमित व्यवस्था से छात्र परेशान, तेज धूप में घंटों खड़े रहने को मजबूर; छात्रों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल !
जांजगीर (समाचार मित्र) टीसीएल शासकीय महाविद्यालय में प्रवेश की अंतिम तारीख को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चार दिन की प्रवेश प्रक्रिया के बीच शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण अंतिम दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे। भीड़ बढ़ने के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया की व्यवस्थाएं भी चरमराती नजर आईं।

प्रवेश शुल्क जमा करने के लिए एक ही शुल्क शाखा/काउंटर होने के कारण विद्यार्थियों को टोकन लेने और शुल्क जमा करने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के पहुंचने से उन्हें काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कई विद्यार्थियों को प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बार-बार अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तेज धूप में खड़े रहे छात्र, छांव की व्यवस्था नहीं !
कॉलेज परिसर में प्रवेश प्रक्रिया के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, लेकिन भीड़ के अनुरूप छांव और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आई। इसके चलते विद्यार्थियों को तेज धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। गर्मी और भीड़ के बीच लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने से छात्रों की परेशानी और बढ़ गई।
छात्रों में नाराजगी, व्यवस्था पर उठे सवाल !
छात्रों का कहना है कि प्रवेश की अंतिम तारीख को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आने की संभावना पहले से थी, इसके बावजूद शुल्क जमा करने के लिए केवल एक ही व्यवस्था होने से उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। कई विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
छात्रों ने आरोप लगाया कि टीसीएल महाविद्यालय की प्रवेश व्यवस्था में गंभीर अव्यवस्था दिखाई दी, जिसके कारण विद्यार्थियों को अनावश्यक चक्कर लगाने और समय गंवाने की स्थिति बनी। उनका कहना है कि यदि अतिरिक्त शुल्क काउंटर, व्यवस्थित टोकन व्यवस्था तथा छात्रों के लिए छांव और बैठने की व्यवस्था की जाती तो अंतिम दिन की परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
अंतिम दिन व्यवस्था सुधारने की जरूरत !
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. आर. लहरे के नेतृत्व में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अंतिम दिन उमड़ी भारी भीड़ ने कॉलेज की प्रवेश व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त काउंटर और बेहतर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जरूरत महसूस हुई।


