बिलासपुर (समाचार मित्र) गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में भारतीय डाक विभाग के अत्याधुनिक N-Gen Post Office का भव्य शुभारंभ हुआ। यह केवल एक डाकघर नहीं, बल्कि डाक की 170 साल पुरानी विरासत को डिजिटल तकनीक और युवा आकांक्षाओं से जोड़ने की नई उड़ान है।

विश्वविद्यालय परिसर में खुले इस डाकघर में छात्रों को कैफे जैसे माहौल में वातानुकूलित सुविधा, पार्सल और लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवाएं, बचत, बीमा और फिलाटेली जैसी सभी आधुनिक सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
मुख्य अतिथि कुलपति बोले – चिट्ठी में आज भी भावनाओं की विरासत है !
समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि संचार के तमाम डिजिटल साधनों के बावजूद चिट्ठी का भावलोक आज भी जीवित है। एक पत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि रिश्तों की गर्माहट और स्मृतियों की विरासत है। उन्होंने कहा कि देश भर से आए विद्यार्थियों के लिए परिसर में ही सुरक्षित और आधुनिक डाक सेवा मिलना बड़ी सुविधा है। उन्होंने छात्रों से डाक की बचत और बीमा योजनाओं को अपने भविष्य से जोड़ने का आह्वान किया।
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने कहा – युवाओं के लिए नया अनुभव !
अध्यक्षता कर रहे मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल श्री प्रणव कुमार ने कहा कि यह N-Gen Post Office बदलते समय के अनुरूप डाक विभाग की नई कार्य-संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों से इस केंद्र का भ्रमण कर सेवाओं का लाभ उठाने को कहा।
शुरुआत में प्रवर अधीक्षक डाकघर बिलासपुर संभाग श्री बी.एल. जांगड़े ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल परंपरा और आधुनिकता का संगम है।
इस पहल को आकार देने में मार्केटिंग हेड सुनीता द्विवेदी की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने युवाओं को पार्सल, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स से जोड़ने के लिए लगातार जनसंपर्क किया।
समारोह में कुलसचिव अश्विनी दीक्षित, सहायक निदेशक राजपाल, डिप्टी सुपरिटेंडेंट गुलनाज नसरीन खान, सहायक अधीक्षक गणेश राम देवांगन, अरुण तिवारी सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


