कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने निहारा गौरघाट का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य, बोलीं—प्रकृति के संगीत से सजी हैं वादियां !
कोरिया (समाचार मित्र) बारिश के मौसम में कोरिया की हसीन वादियां इन दिनों अपने पूरे शबाब पर हैं। पहाड़ों से गिरते झरने, कल-कल बहती जलधाराएं, घने जंगलों की हरियाली और ठंडी हवाओं ने जिले के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा दिए हैं। इन्हीं खूबसूरत नजारों के बीच गौरघाट का दूधिया जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
बरसात के बाद पहाड़ों से तेज रफ्तार में गिरता सफेद पानी जब चट्टानों से टकराता है, तो पूरा जलप्रपात दूधिया आभा से जगमगा उठता है। आसपास फैली हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और हवा के साथ झूमते पेड़ गौरघाट की खूबसूरती को किसी प्राकृतिक चित्र की तरह जीवंत कर देते हैं।
कलेक्टर ने करीब से देखा गौरघाट का सौंदर्य
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने भी गौरघाट जलप्रपात पहुंचकर यहां के मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। उन्होंने जलप्रपात से गिरती जलधारा, पहाड़ों और आसपास की हरियाली को करीब से निहारा।
गौरघाट की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत कलेक्टर ने कहा कि कोरिया का यह दूधिया जलप्रपात निश्चित रूप से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने वाला बेहद खूबसूरत प्राकृतिक स्थल है।
सावन-भादो में प्रकृति के संगीत से गूंज रही गौरघाट की वादियों में कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि उन्हें रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिला है। इस दौरान प्रदेश के अनेक नदी, पहाड़, जंगल और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिला, लेकिन गौरघाट की प्राकृतिक सुंदरता अपने आप में विशेष है।
उन्होंने कहा कि जलप्रपात से गिरते पानी की आवाज, आसपास चहचहाते पक्षी और हवा के साथ झूमती पेड़ों की डालियां ऐसा एहसास कराती हैं, मानो सावन-भादो के इन महीनों में पूरी वादियां प्रकृति के संगीत से सज गई हों।
प्रकृति के साथ कोरिया की लोक संस्कृति भी बड़ा आकर्षण
कलेक्टर ने कहा कि पूरा कोरिया जिला पर्यटन की दृष्टि से बेहद समृद्ध है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान केवल उसके प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं होती, बल्कि वहां की लोक संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान, बोली और स्थानीय लोगों का आत्मीय व्यवहार भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

उन्होंने कहा कि कोरिया अपनी प्राकृतिक संपदा और आत्मीयता के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए सदैव तैयार है।
सेल्फी के जुनून में सुरक्षा से समझौता न करें
गौरघाट सहित जिले के पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले पर्यटकों से कलेक्टर श्रीमती यादव ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जलप्रपात और पहाड़ी क्षेत्रों में भ्रमण करते समय विशेष सावधानी बरतें। फोटो या सेल्फी लेते समय जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। बारिश के दौरान चट्टानें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
स्वच्छता के साथ प्रकृति संरक्षण का भी लें संकल्प
कलेक्टर ने पर्यटकों से पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में न फेंकें। प्रकृति की खूबसूरती को देखने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इसे और सुंदर बनाकर जाए।
उन्होंने पर्यटकों से कहा कि गौरघाट आएं, दूधिया जलप्रपात की खूबसूरती को निहारें और इसकी प्राकृतिक स्मृतियों को अपने दिल में संजोकर लौटें।
कलेक्टर ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और प्रकृति को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए अपने घर, खेत, बाड़ी, तालाब अथवा खुले मैदान में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, ताकि हरियाली और जिंदगी दोनों बनी रहें।


