जांजगीर-चांपा (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ राज्य को बने 26 वर्ष हो गए है और उससे भी पूर्व का बना एक ब्लॉक उपेक्षा का शिकार हो रहा है। शिक्षा विभाग के बड़े बड़े दावों की जमीनी हकीकत बस इतनी है कि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय दूसरे की मेहरबानी से चलता है। मामला जांजगीर चांपा जिले के बलौदा विकासखंड का है जहां शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर स्थिति सामने आई है। 25 मई 1998 को जांजगीर-चांपा जिले के गठन के समय से ही बलौदा विकासखंड प्रशासनिक इकाई के रूप में अस्तित्व में है। करीब 28 वर्षों का लंबा समय बीत जाने के बावजूद यहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) का अपना कार्यालय तक नहीं है। जिला प्रशासन से लेकर मंत्री और स्थानीय नेताओं ने इस ओर पहल करने में कम रुचि दिखाई जिसका खामियाजा आज शिक्षा विभाग को भुगतना पड़ रहा हैं। वर्तमान में अभी BEO कार्यालय बलौदा तहसील से लगे बरभांठा के प्राथमिक शाला भवन में संचालित है।
बलौदा विकासखंड में वर्तमान में 153 प्राथमिक शालाएं और 81 माध्यमिक शालाएं, यानी कुल 234 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इतने बड़े शैक्षणिक क्षेत्र की निगरानी, शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्य और स्कूलों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर है, लेकिन इसके बावजूद विकासखंड स्तर पर शिक्षा विभाग के कार्यालय का अभाव सवाल खड़े करता है।
234 स्कूलों की जिम्मेदारी जिनके हाथ पर सवाल, वो बिना कार्यालय कैसे करेंगे काम ?
करीब 28 वर्षों का लंबा समय बीत जाने के बावजूद यहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) का अपना कार्यालय तक नहीं है। बलौदा विकासखंड में वर्तमान में 153 प्राथमिक शालाएं और 81 माध्यमिक शालाएं, यानी कुल 234 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इतने बड़े शैक्षणिक क्षेत्र की निगरानी, शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्य और स्कूलों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर है, लेकिन इसके बावजूद विकासखंड स्तर पर शिक्षा विभाग के कार्यालय का अभाव सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने वर्षों बाद भी शिक्षा विभाग को अपना कार्यालय नहीं मिल पाना क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। कार्यालय के अभाव में विभागीय कार्यों के संचालन और शिक्षकों व स्कूलों से जुड़े मामलों के निराकरण में भी परेशानी होने की बात सामने आती रही है।
अब सवाल यह उठता है कि जब बलौदा विकासखंड में 234 स्कूलों का संचालन हो रहा है, तो शिक्षा विभाग का स्थायी कार्यालय आखिर कब बनेगा? स्थानीय लोगों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने शासन-प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र पहल करने की मांग की है।
अब सवाल यह उठता है कि जब बलौदा विकासखंड में 234 स्कूलों का संचालन हो रहा है, तो शिक्षा विभाग का स्थायी कार्यालय आखिर कब बनेगा? स्थानीय लोगों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने शासन-प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र पहल करने की मांग की है।

